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आग से सलोत्री के जंगल में दर्जनों बारूदी सुरंगें फटीं
ब्यूरो/ पुंछ
Updated Tue, 17 Jan 2017 01:05 AM IST
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- फोटो : ANI
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रविवार देर रात पीओके के इलाके में लगी आग ने जिला मुख्यालय के निटवर्ती क्षेत्र सलोत्री के जंगल को भी अपनी चपेट में ले लिया। इससे नियंत्रण रेखा पर दुश्मन की घुसपैठ रोकने के लिए बिछाई गई दर्जनों बारूदी सुरंगों में विस्फोट हो गया। जैसे-जैसे आग आगे बढ़ती गई, बारूदी सुरंगें फटने लगीं। स्थानीय लोगों को ऐसा लगा कि पाकिस्तान की तरफ से भारी हथियारों से गोलाबारी शुरू कर दी गई है।
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लगातार घंटों बारूदी सुरंगों के धमाकों से क्षेत्र में दहशत का आलम व्याप्त हो गया। रातभर लोग सो नहीं सके। सुबह तड़के क्षेत्र में शुरू हुई जोरदार बारिश और बर्फबारी के कारण जंगल में लगी आग बुझ गई। जानकारी के अनुसार रविवार देर रात करीब 12बजे पाक अधिकृत क्षेत्र से लगाई गई आग नियंत्रण रेखा पर स्थित सलोत्री के जंगल तक पहुंच गई। इसी के साथ जब बारूदी सुरंगों में विस्फोट शुरू हुआ तो सलोत्री में फेंसिंग के आगे रहने वाले कुछ लोगों ने घरों से बाहर निकल कर देखा तो जंगल में भयंकर आग के बीच-बीच में विस्फोट हो रहे थे।
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क्षेत्र निवासियों का कहना था कि उस पार से यह आग जानबूझकर लगाई गई थी, ताकि बारूदी सुरंगों में विस्फोट हो। सुबह करीब तीन बजे क्षेत्र में पहले जोरदार बारिश और कुछ देर बाद बर्फ गिरने से आग बुझ गई। जिले में नियंत्रण रेखा के इस पार घुसपैठ को आसान बनाने के लिए आतंकियों ने आग लगाकर इस पार बड़ी संख्या में बारूदी सुरंगों को नष्ट किया है। इसके लिए आतंकियों ने पाकिस्तानी रेंजर्स की मदद से पहले पाक अधिकृत क्षेत्र में आग लगाई, जिसने फैलते हुए इस पर सलोत्री के जंगल को भी अपनी चपेट में ले लिया।
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स्थानीय लोग बताते हैं कि पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के आसपास जंगलों में लगने वाली आग की करीब 95 प्रतिशत घटनाएं नियंत्रण रेखा के उस पार लगी आग के इस पार आने के कारण हुईं। सूत्रों की मानें तो पाक सेना की अग्रिम चौकियों पर डेरा डाले आतंकियों द्वारा अक्सर पाक सेना के सहयोग से अपनी चौकियों से कुछ आगे आग लगाने की वारदातों को अंजाम दिया जाता है। यह आग हवा की दिशा के साथ आगे बढ़ते हुए इस पार आ जाती है।
नियंत्रण रेखा के इस पार ज्यादातर चीड़ के जंगल हैं, जिसमें आग ज्यादा आसानी से फैलती है। बारूदी सुरंगों में विस्फोट के बाद सुरक्षाबलों ने अपनी सतर्कता को पहले से काफी बढ़ा दिया है, ताकि आतंकी किसी भी तरह की वारदात को अंजाम न दे पाएं।