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सेना की मदद से जगंलों में लगी आग पर पाया काबू
Updated Sun, 27 May 2018 01:32 AM IST
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राजोरी। शहर के सटे धनोर, दस्सल जट्टां, दस्सल सीरां, व आस पास के अन्य जंगलों में लगी आग को काबू करने के लिए शनिवार को सेना का सहारा लेना पड़ा। जानकारी के अनुसार उक्त इलाकों के जंगलों में शुक्रवार को सुबह लगी आग ने देर रात तक भयानक रूप धारण कर लिया था। बेकाबू होती आग धीरे-धीरे रिहायशी इलाकों तक पहुंचने लगी थी।
शुक्रवार की मध्यरात्रि को दस्सल के जंगलों में आग ने इतना भयानक रूप धारण कर लिया था कि लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए थे। स्थानीय निवासी विशाल कुुमार ने बताया कि जंगल में सुबह जब आग लगी थी तो उस पर काबू पाने के प्रयास नहीं किए गए। रात होते होते आग ने भयानक रूप ले लिया था व हमारे घरों की ओर आ रही थी। वन विभाग के कुछ कर्मचारी मौके पर आते हैं और खाली हाथ लौट जाते हैं। आग की खबरें वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने आग पर काबू पाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया। प्रशासन ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, वन संरक्षण बल, सिविल डिफेंस, वन विभाग, फायर ब्रिगेड के साथ-साथ सेना को भी आग पर काबू पाने में मदद मांगी। उक्त विभागों की टीमों ने विभिन्न इलाकों में पहुंच जंगलों की आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन इस दौरान काफी मात्रा में वन संपत्ति जल चुकी थी। वन विभाग इस भीषण आग से हुए नुकसान का जायजा लेने में जुटी है। आग से कई गांवों की बिजली गुल हो गई, उक्त जंगली इलाकों से गुजर रही बिजली की तारों और खंभों को भी नुकसान पहुंचा है। जब तक आग पर काबू पाया जाता कई इलाकों की बिजली की तारें जल चुकी थीं और खंभे नीचे गिर गए थे। इस आग ने शहर के ठिकरियां, मोहड़ा, बगला, मेहाड़ी और बथूनी क्षेत्रों की बिजली के ढांचे को नुकसान पहुंचाया है व उक्त क्षेत्रों की बिजली गुल है। प्रशासन बिजली सप्लाई को बहाल करने के लिए भी काम कर रहा है।
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शुक्रवार की मध्यरात्रि को दस्सल के जंगलों में आग ने इतना भयानक रूप धारण कर लिया था कि लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए थे। स्थानीय निवासी विशाल कुुमार ने बताया कि जंगल में सुबह जब आग लगी थी तो उस पर काबू पाने के प्रयास नहीं किए गए। रात होते होते आग ने भयानक रूप ले लिया था व हमारे घरों की ओर आ रही थी। वन विभाग के कुछ कर्मचारी मौके पर आते हैं और खाली हाथ लौट जाते हैं। आग की खबरें वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने आग पर काबू पाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया। प्रशासन ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, वन संरक्षण बल, सिविल डिफेंस, वन विभाग, फायर ब्रिगेड के साथ-साथ सेना को भी आग पर काबू पाने में मदद मांगी। उक्त विभागों की टीमों ने विभिन्न इलाकों में पहुंच जंगलों की आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। करीब 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन इस दौरान काफी मात्रा में वन संपत्ति जल चुकी थी। वन विभाग इस भीषण आग से हुए नुकसान का जायजा लेने में जुटी है। आग से कई गांवों की बिजली गुल हो गई, उक्त जंगली इलाकों से गुजर रही बिजली की तारों और खंभों को भी नुकसान पहुंचा है। जब तक आग पर काबू पाया जाता कई इलाकों की बिजली की तारें जल चुकी थीं और खंभे नीचे गिर गए थे। इस आग ने शहर के ठिकरियां, मोहड़ा, बगला, मेहाड़ी और बथूनी क्षेत्रों की बिजली के ढांचे को नुकसान पहुंचाया है व उक्त क्षेत्रों की बिजली गुल है। प्रशासन बिजली सप्लाई को बहाल करने के लिए भी काम कर रहा है।
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