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मामा भांजे की दर्दनाक मौत
Updated Tue, 22 May 2018 02:25 PM IST
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राजोरी। मुंबई में सड़क हादसे में मृत मामा भांजे का शव तीन दिन बाद मंगलवार को कोटरंका के जमोला सवाड़ी गांव में पहुंचा। शव घर पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया।
जानकारी के अनुसार जमोला सवाड़ी गांव के संजीव सिंह और उसके मामा प्रहलाद सिंह मुंबई में किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी में काम करते थे। रविवार को दोनों बाइक से कहीं जा रहे थे, तो रास्ते में किसी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनके परिवार को सूचित किया। सोमवार को परिवार के सदस्य मुंबई पहुंचे, तो पुलिस ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिया। मंगलवार की शाम दोनों के शव घर लाए गए। दोनों का शव घर पहुंचते ही उनके घरों में लोगों का हजूम लगना शुरू हो गया। किसी को दोनों की सड़क हादसे में मौत का यकीन ही नहीं हो रहा था। दोनों के परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। मृत संजीव की मामा बार-बार बेहोश हो रही थी व पिता रोते बिलखते बोल रहे थे कि उन्हें क्या पता था कि काम काज कर रुपये कमाने गए बेटे का एक दिन उन्हें इस तरह शव देखने को मिलेगा। प्रहलाद के एक परिजन दलीप ने बताया कि उसके चार छोटे-छोटे बच्चे रह गए हैं। देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार जमोला सवाड़ी गांव के संजीव सिंह और उसके मामा प्रहलाद सिंह मुंबई में किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी में काम करते थे। रविवार को दोनों बाइक से कहीं जा रहे थे, तो रास्ते में किसी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनके परिवार को सूचित किया। सोमवार को परिवार के सदस्य मुंबई पहुंचे, तो पुलिस ने सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिवार को सौंप दिया। मंगलवार की शाम दोनों के शव घर लाए गए। दोनों का शव घर पहुंचते ही उनके घरों में लोगों का हजूम लगना शुरू हो गया। किसी को दोनों की सड़क हादसे में मौत का यकीन ही नहीं हो रहा था। दोनों के परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। मृत संजीव की मामा बार-बार बेहोश हो रही थी व पिता रोते बिलखते बोल रहे थे कि उन्हें क्या पता था कि काम काज कर रुपये कमाने गए बेटे का एक दिन उन्हें इस तरह शव देखने को मिलेगा। प्रहलाद के एक परिजन दलीप ने बताया कि उसके चार छोटे-छोटे बच्चे रह गए हैं। देर शाम दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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