{"_id":"62094cd8ef75d9484f794ce5","slug":"camp-rajouri-news-jmu2537682165","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व विभाग ने लगाया विशेष शिविर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राजस्व विभाग ने लगाया विशेष शिविर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजोरी। दूरदराज इलाकों में लोगों को घर बैठे प्रमाणपत्र जारी करने के लिए राजस्व विभाग विशेष शिविर आयोजित कर रहा है। टिकरी में रविवार को छुट्टी के दिन शिविर आयोजित किया गया। जहां लोगों को डोमिसाइल पहाड़ी भाषा प्रमाणपत्र जारी किए गए।
जानकारी के अनुसार उपायुक्त विकास कुंडल के निर्देश पर तहसीलदार मंजाकोट ने राजस्व शिविर लगाया। शिविर में तहसील के विभिन्न इलाकों से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। शिविर में तहसीलदार द्वारा तहसील के अलग-अलग गांवों से आए करीब 425 लोगों को पहाड़ी भाषी प्रमाणपत्र और 198 लोगों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी किए गए। तहसीलदार ने बताया कि इससे पहले लोगों को उक्त प्रकार के प्रमाणपत्र लेने के लिए तहसील कार्यालय के कई चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन उपायुक्त के निर्देश पर विशेष शिविर आयोजित कर लोगों को घर बैठे प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। ताकि उनको दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। इस प्रकार के शिविर से ख़ास कर युवतियों को लाभ पहुंच रहा है, जिनको प्रमाणपत्र के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। शिविर में प्रमाणपत्र हासिल करने वाले लोगों ने जिला प्रशासन व उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पहले उनको तहसील कार्यालय जाने पर कभी पटवारी नहीं मिलते थे। तो कभी तहसीलदार नहीं मिलते थे। उनका कीमती समय नष्ट होता था।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार उपायुक्त विकास कुंडल के निर्देश पर तहसीलदार मंजाकोट ने राजस्व शिविर लगाया। शिविर में तहसील के विभिन्न इलाकों से सैकड़ों की संख्या में लोगों ने भाग लिया। शिविर में तहसीलदार द्वारा तहसील के अलग-अलग गांवों से आए करीब 425 लोगों को पहाड़ी भाषी प्रमाणपत्र और 198 लोगों को डोमिसाइल प्रमाणपत्र जारी किए गए। तहसीलदार ने बताया कि इससे पहले लोगों को उक्त प्रकार के प्रमाणपत्र लेने के लिए तहसील कार्यालय के कई चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन उपायुक्त के निर्देश पर विशेष शिविर आयोजित कर लोगों को घर बैठे प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। ताकि उनको दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े। इस प्रकार के शिविर से ख़ास कर युवतियों को लाभ पहुंच रहा है, जिनको प्रमाणपत्र के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे। शिविर में प्रमाणपत्र हासिल करने वाले लोगों ने जिला प्रशासन व उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे पहले उनको तहसील कार्यालय जाने पर कभी पटवारी नहीं मिलते थे। तो कभी तहसीलदार नहीं मिलते थे। उनका कीमती समय नष्ट होता था।
विज्ञापन