{"_id":"662c4d04b4c450247a0b8d8b","slug":"bgsu-celebrated-ipr-day-rajouri-news-c-272-1-raj1001-101960-2024-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: राजोरी में बीजीएसबीयू ने मनाया आईपीआर दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: राजोरी में बीजीएसबीयू ने मनाया आईपीआर दिवस
Sat, 27 Apr 2024 06:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
संवाद न्यूज एजेंसी, राजौरी
Updated Sat, 27 Apr 2024 06:25 AM IST
विज्ञापन
राजोरी। पर्यावरण विज्ञान, जैव विविधता अध्ययन केंद्र बीजीएसबी विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को विश्व बौद्धिक संपदा अधिकार दिवस मनाया। इस अवसर पर पर्यावरण विज्ञान के संकाय सदस्यों, छात्रों और अनुसंधान विद्वानों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
बीजीएसबी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अकबर मसूद ने कहा कि इस दिन की स्थापना 2000 में विश्व बौद्धिक संपदा कार्यालय (डब्ल्यूआईपीओ) की ओर से की गई थी। हर साल दुनिया 26 अप्रैल को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस मनाती है। इसका उद्देश्य जागरूकता फैलाना है। बौद्धिक संपदा (आईपीआर) अधिकार और यह मानव प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए नवाचार और रचनात्मकता को कैसे प्रोत्साहित करता है। कुलपति ने बताया कि यह दिन नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने में आईपी अधिकारों, जैसे पेटेंट, ट्रेडमार्क, औद्योगिक डिजाइन, कॉपीराइट की भूमिका को उजागर करने का अवसर लाता है। एसोसिएट डीन स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी डॉ. एए शाह ने कहा कि यह दिन रचनाकारों के अधिकारों और कॉपीराइट के साथ-साथ सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए आईपी सुरक्षा की आवश्यकता पर लोगों को शिक्षित करने का अवसर है। इस मौके पर डॉ. श्रीकर पंत, डॉ. ममता भट्ट, डॉ. नाजिया परवीन, डॉ. रिफत आजम मौजूद रहे।
विज्ञापन
बीजीएसबी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अकबर मसूद ने कहा कि इस दिन की स्थापना 2000 में विश्व बौद्धिक संपदा कार्यालय (डब्ल्यूआईपीओ) की ओर से की गई थी। हर साल दुनिया 26 अप्रैल को विश्व बौद्धिक संपदा दिवस मनाती है। इसका उद्देश्य जागरूकता फैलाना है। बौद्धिक संपदा (आईपीआर) अधिकार और यह मानव प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए नवाचार और रचनात्मकता को कैसे प्रोत्साहित करता है। कुलपति ने बताया कि यह दिन नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने में आईपी अधिकारों, जैसे पेटेंट, ट्रेडमार्क, औद्योगिक डिजाइन, कॉपीराइट की भूमिका को उजागर करने का अवसर लाता है। एसोसिएट डीन स्कूल ऑफ बायोसाइंसेज एंड बायोटेक्नोलॉजी डॉ. एए शाह ने कहा कि यह दिन रचनाकारों के अधिकारों और कॉपीराइट के साथ-साथ सार्वजनिक हित की रक्षा के लिए आईपी सुरक्षा की आवश्यकता पर लोगों को शिक्षित करने का अवसर है। इस मौके पर डॉ. श्रीकर पंत, डॉ. ममता भट्ट, डॉ. नाजिया परवीन, डॉ. रिफत आजम मौजूद रहे।
विज्ञापन