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जलवायु समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत : डॉ. जयपाल
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-सरकारी कालेज में सात दिवसीय शीतकालीन शिविर का पांचवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। शहीद घनीशाम सरकारी डिग्री कॉलेज डूंगी में शीतकालीन शिविर के आधीन पांचवें दिन कॉलेज की एनएसएस इकाई ने सतत विकास लक्ष्यों पर कार्यशाला लगाई। प्रधानाचार्य डॉ. जयपाल सिंह ने जलवायु समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर बल दिया। साथ ही प्रतिभागी स्वयंसेवकों को पुरस्कृत किया।
डॉ. जयपाल सिंह ने टिकाऊ उद्देश्यों को प्राप्त करने में आम लोगों पर भूमिका पर विचार रखे। कहा कि 2030 तक संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना निर्धारित किया गया है। स्वयंसेवकों को चाहिए कि वह लक्ष्यों के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता फैलाएं ताकि सीमावर्ती लोग सरकारी योजनाओं में बढ़-चढ़कर भाग लें। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अहसान अहमद ने भी सतत विकास लक्ष्यों की स्थापना के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला। स्वयंसेवकों ने एसडीजी के पहलुओं और लक्ष्यों को प्राप्त करने में देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। मोहम्मद आसिफ, शराज अहमद, तारिक हुसैन को सर्वश्रेष्ठ वक्ता चुना गया। प्रतिभागी स्वयंसेवकों, प्रधानाचार्य प्रो. जयपाल सिंह व अन्य स्टाफ का स्टाफ सेक्रेटरी प्रो. समीना खान ने धन्यवाद किया। इस अवसर पर प्रो. मोहम्मद खालिद, प्रो. प्रतिमा, प्रो. रजनी, प्रो. संजोगिता उपस्थित थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। शहीद घनीशाम सरकारी डिग्री कॉलेज डूंगी में शीतकालीन शिविर के आधीन पांचवें दिन कॉलेज की एनएसएस इकाई ने सतत विकास लक्ष्यों पर कार्यशाला लगाई। प्रधानाचार्य डॉ. जयपाल सिंह ने जलवायु समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत पर बल दिया। साथ ही प्रतिभागी स्वयंसेवकों को पुरस्कृत किया।
डॉ. जयपाल सिंह ने टिकाऊ उद्देश्यों को प्राप्त करने में आम लोगों पर भूमिका पर विचार रखे। कहा कि 2030 तक संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करना निर्धारित किया गया है। स्वयंसेवकों को चाहिए कि वह लक्ष्यों के बारे में आम जनता के बीच जागरूकता फैलाएं ताकि सीमावर्ती लोग सरकारी योजनाओं में बढ़-चढ़कर भाग लें। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. अहसान अहमद ने भी सतत विकास लक्ष्यों की स्थापना के पीछे के कारणों पर प्रकाश डाला। स्वयंसेवकों ने एसडीजी के पहलुओं और लक्ष्यों को प्राप्त करने में देशों के सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला। मोहम्मद आसिफ, शराज अहमद, तारिक हुसैन को सर्वश्रेष्ठ वक्ता चुना गया। प्रतिभागी स्वयंसेवकों, प्रधानाचार्य प्रो. जयपाल सिंह व अन्य स्टाफ का स्टाफ सेक्रेटरी प्रो. समीना खान ने धन्यवाद किया। इस अवसर पर प्रो. मोहम्मद खालिद, प्रो. प्रतिमा, प्रो. रजनी, प्रो. संजोगिता उपस्थित थे।
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