{"_id":"60a401158ebc3e96fc0d847f","slug":"agitaion-rajouri-news-jmu235531748","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल संकट के विरोध में डंडोटे पंचायत के ग्रामीणों का प्रदर्शन :","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल संकट के विरोध में डंडोटे पंचायत के ग्रामीणों का प्रदर्शन :
विज्ञापन
राजोरी। कोटरांका तहसील की पंचायत डंडोटे के निवासियों ने पेयजल संकट और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में मंगलवार को दोपहर करीब आधे घंटे तक बुद्धल सुंगरी मार्ग जाम करके प्रदर्शन किया। जम्मू-कश्मीर में भाजपा युवा विंग के प्रवक्ता मंजूर अहमद नाइक ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
मंजूर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि डंडोटे पंचायत के निवासियों को पिछले कई महीनों से पीने के पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की उदासीनता की वजह से पंचायत के निवासियों को प्रकृति के ऊपर निर्भर होना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को मजबूरन पीने का पानी लेने के लिए लगभग तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से पानी की समस्या बनी हुई है। मंजूर नाइक ने बताया कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार टेलीफोन पर बातचीत करने के बावजूद, ग्रामीणों की समस्याओं को कम करने के लिए प्रयास नहीं किया गया। यही कारण है कि विभाग के अधिकारियों के विरोध में लोगों को प्रदर्शन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। कोरोना महामारी के बीच हाईवे पर बैठना जोखिम से भरा है, लेकिन और कोई विकल्प ही नहीं बचा।
विज्ञापन
हालांकि यह धरना बहुत ज्यादा नहीं चला। जिला प्रशासन के साथ जल शक्ति विभाग को 24 घंटे के भीतर पंचायत डंडोटे में जलापूर्ति बहाल करने की सख्त चेतावनी देकर आधे घंटे के भीतर ही प्रदर्शन समाप्त किया गया।
विज्ञापन
मंजूर ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि डंडोटे पंचायत के निवासियों को पिछले कई महीनों से पीने के पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की उदासीनता की वजह से पंचायत के निवासियों को प्रकृति के ऊपर निर्भर होना पड़ रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को मजबूरन पीने का पानी लेने के लिए लगभग तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई महीनों से पानी की समस्या बनी हुई है। मंजूर नाइक ने बताया कि जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ लगातार टेलीफोन पर बातचीत करने के बावजूद, ग्रामीणों की समस्याओं को कम करने के लिए प्रयास नहीं किया गया। यही कारण है कि विभाग के अधिकारियों के विरोध में लोगों को प्रदर्शन पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा। कोरोना महामारी के बीच हाईवे पर बैठना जोखिम से भरा है, लेकिन और कोई विकल्प ही नहीं बचा।
विज्ञापन
हालांकि यह धरना बहुत ज्यादा नहीं चला। जिला प्रशासन के साथ जल शक्ति विभाग को 24 घंटे के भीतर पंचायत डंडोटे में जलापूर्ति बहाल करने की सख्त चेतावनी देकर आधे घंटे के भीतर ही प्रदर्शन समाप्त किया गया।