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पीएचसी बुद्धल की जर्जर हालत पर रोष
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राजोरी। युवा भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मंजूर अहमद नाइक ने कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को पीएचसी बुद्धल का दौरा किया। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को बुद्धल पीएचसी की खराब स्थिति को लेकर दोषी ठहराते हुए कहा कि बुद्धल एकमात्र ऐसा अस्पताल है जहां कोई सफाई कर्मचारी नहीं है। भवन की हालत खस्ता है। कर्मचारियों की कमी के कारण मरीजों की देखभाल भी उचित तरीके से नहीं हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। नियुक्त कर्मचारियों में से केवल 30 प्रतिशत अस्पताल में काम कर रहे हैं और बाकी 70 प्रतिशत का कोई अता पता नहीं है। नाइक ने कहा कि बीस हजार से अधिक लोग इस पीएचसी पर निर्भर हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें पर्याप्त उपचार और देखभाल नहीं मिल रही है। मीडियाकर्मी से बात करते हुए कहा कि एक डेंटल सर्जन को कई माह पहले पीएचसी बुद्धल में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन दुर्भाग्य से उसने एक बार भी ड्यूटी नहीं की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभाग पीएचसी बुद्धल में कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति को सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तो पूरे बुद्धल और उसके आसपास के गांवों में लोग सड़कोें पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
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उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। नियुक्त कर्मचारियों में से केवल 30 प्रतिशत अस्पताल में काम कर रहे हैं और बाकी 70 प्रतिशत का कोई अता पता नहीं है। नाइक ने कहा कि बीस हजार से अधिक लोग इस पीएचसी पर निर्भर हैं, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें पर्याप्त उपचार और देखभाल नहीं मिल रही है। मीडियाकर्मी से बात करते हुए कहा कि एक डेंटल सर्जन को कई माह पहले पीएचसी बुद्धल में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन दुर्भाग्य से उसने एक बार भी ड्यूटी नहीं की।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभाग पीएचसी बुद्धल में कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति को सुनिश्चित करने में विफल रहता है, तो पूरे बुद्धल और उसके आसपास के गांवों में लोग सड़कोें पर उतर कर प्रदर्शन करेंगे।
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