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पेंशन के लिए दिन भर भटकते रहे वृद्ध
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राजोरी। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से वृद्ध पेंशन वाली फाइलें लेकर बुधवार को दिन भर डाक बंगले में भटकते रहे। समाज कल्याण विभाग से उनकी सुध लेने कोई नहीं पहुंचा। परेशान और गुस्साए वृद्ध लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले राजोरी में मेरा शहर मेरा गौरव कार्यक्रम के दौरान जम्मू से आईं प्रिंसिपल सेक्रेटरी सरिता चौहान ने घोषणा की थी कि कहीं के भी वृद्ध ब्लॉक दिवस में पेंशन वाली फाइलें दस्तावेजों के साथ डाक बंगले में आएंगे और समाज कल्याण विभाग के पास जमा कराएंगे ताकि उन्हें पेंशन दी जा सके।
बुजुर्गों ने बताया कि अधिकारी की घोषणा के बाद बुधवार को वह कई किलोमीटर चलकर लाठियां टेकते हुए फाइलें जमा कराने राजोरी तो पहुंचे, लेकिन दिन भर भटकने के बाद भी समाज कल्याण विभाग से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। परेशान हाल बुजुर्गों ने बताया कि उनको कई साल से पेंशन नहीं मिल रही है। इसके पहले भी वह कई बार फाइलें विभाग कार्यालय में जमा करा चुके हैं, लेकिन पता नहीं उनकी फाइलें कहां गुम हो जाती है। इस बार ब्लॉक दिवस के उपलक्ष्य में उन्हें आशा जगी थी कि वर्षों से लंबित उनकी पेंशन की मांग को पूरा किया जाएगा, लेकिन आज भी वह दिन भर भटकते रहे, लेकिन उनकी सुध किसी ने नहीं ली। वहीं दिन को करीब तीन बजे समाज कल्याण विभाग के तहसील अधिकारी अब्दुल कबीर मौके पर पहुंचे और बताया कि एक महिला कर्मचारी की ड्यूटी लगाई थी कि बुजुर्गों से फाइलें लेकर विभाग कार्यालय में लाएगी, लेकिन किन हालात में महिला ने फाइलें नहीं ली और वो ड्यूटी पर क्यों नहीं आई, इस बात की जांच की जाएगी।
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बुजुर्गों ने बताया कि अधिकारी की घोषणा के बाद बुधवार को वह कई किलोमीटर चलकर लाठियां टेकते हुए फाइलें जमा कराने राजोरी तो पहुंचे, लेकिन दिन भर भटकने के बाद भी समाज कल्याण विभाग से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। परेशान हाल बुजुर्गों ने बताया कि उनको कई साल से पेंशन नहीं मिल रही है। इसके पहले भी वह कई बार फाइलें विभाग कार्यालय में जमा करा चुके हैं, लेकिन पता नहीं उनकी फाइलें कहां गुम हो जाती है। इस बार ब्लॉक दिवस के उपलक्ष्य में उन्हें आशा जगी थी कि वर्षों से लंबित उनकी पेंशन की मांग को पूरा किया जाएगा, लेकिन आज भी वह दिन भर भटकते रहे, लेकिन उनकी सुध किसी ने नहीं ली। वहीं दिन को करीब तीन बजे समाज कल्याण विभाग के तहसील अधिकारी अब्दुल कबीर मौके पर पहुंचे और बताया कि एक महिला कर्मचारी की ड्यूटी लगाई थी कि बुजुर्गों से फाइलें लेकर विभाग कार्यालय में लाएगी, लेकिन किन हालात में महिला ने फाइलें नहीं ली और वो ड्यूटी पर क्यों नहीं आई, इस बात की जांच की जाएगी।
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