{"_id":"638a5891aeba0c01a95a19eb","slug":"administration-rajouri-news-jmu273591784","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajouri News: उपायुक्त ने पीएमजीएसवाई के प्रदर्शन की समीक्षा की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajouri News: उपायुक्त ने पीएमजीएसवाई के प्रदर्शन की समीक्षा की
विज्ञापन
डीसी राजोरी ने पीएमएफएमई योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की
- फोटो : RAJOURI
राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने शुक्रवार को जिले में पीएमजीएसवाई क्षेत्र के तहत प्राप्त प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में राजोेरी और बुद्धल में पीएमजीएसवाई योजनाओं की भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों का व्यापक जायजा लिया।
बैठक में बताया गया कि 195 योजनाओं में से 184 योजनाओं पर काम हर तरह से पूरा हो चुका है जबकि बाकी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बुद्धल में योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अवगत कराया गया कि 124 योजनाओं में से 111 योजनाओं पर कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष पर कार्य प्रगति पर है। सभी पीएमजीएसवाई परियोजनाओं की व्यापक सड़क-वार समीक्षा करते हुए, डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य की प्रगति में तेजी लाने और सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया। पीएमजीएसवाई चरण-3 के तहत स्वीकृत योजनाओं के बारे में पूछताछ करते हुए बैठक में बताया गया कि बुद्धल अनुमंडल के लिए 4 और राजोेरी अनुमंडल के लिए 8 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। सभी योजनाएं टेंडरिंग प्रक्रिया में हैं। बैठक में एसीआर इमरान राशिद कटारिया, एक्सईएन सुभाष चंदर, बुद्धल इम्तियाज मीर, एडी योजना बंसीलाल एवं अन्य मौजूद रहे।
उपायुक्त राजोेरी ने पीएमएफएमई योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यमों (पीएमएफएमई) योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में डीसी ने कहा कि मौजूदा क्लस्टर और कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जिलों के लिए खाद्य उत्पादों की पहचान करने के लिए सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना का प्रधान मंत्री औपचारिककरण आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएमएफएमई का उद्देश्य व्यक्तियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से सूक्ष्म, ग्राम स्तर पर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करना है। कार्यक्रम के तहत, लाभार्थियों को 10 लाख रुपये की सीमा के साथ 35 प्रतिशत सब्सिडी/पूंजी सहायता प्रदान की जा रही है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लाभार्थी योजना के दायरे में लाने को सुनिश्चित करने को भी कहा। बैठक में उपस्थित डीएफओ अर्शदीप सिंह, सीपीओ मोहम्मद खुर्शीद, जीएम डीआईसी अश्विनी शर्मा, सीएचओ मदन लाल, वकील अहमद भट्ट और अन्य संबंधित मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में बताया गया कि 195 योजनाओं में से 184 योजनाओं पर काम हर तरह से पूरा हो चुका है जबकि बाकी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बुद्धल में योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अवगत कराया गया कि 124 योजनाओं में से 111 योजनाओं पर कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष पर कार्य प्रगति पर है। सभी पीएमजीएसवाई परियोजनाओं की व्यापक सड़क-वार समीक्षा करते हुए, डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य की प्रगति में तेजी लाने और सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्यों को प्राप्त करने का निर्देश दिया। पीएमजीएसवाई चरण-3 के तहत स्वीकृत योजनाओं के बारे में पूछताछ करते हुए बैठक में बताया गया कि बुद्धल अनुमंडल के लिए 4 और राजोेरी अनुमंडल के लिए 8 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। सभी योजनाएं टेंडरिंग प्रक्रिया में हैं। बैठक में एसीआर इमरान राशिद कटारिया, एक्सईएन सुभाष चंदर, बुद्धल इम्तियाज मीर, एडी योजना बंसीलाल एवं अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
उपायुक्त राजोेरी ने पीएमएफएमई योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा की
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोेरी। उपायुक्त विकास कुंडल ने जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यमों (पीएमएफएमई) योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में डीसी ने कहा कि मौजूदा क्लस्टर और कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए जिलों के लिए खाद्य उत्पादों की पहचान करने के लिए सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना का प्रधान मंत्री औपचारिककरण आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि पीएमएफएमई का उद्देश्य व्यक्तियों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के माध्यम से सूक्ष्म, ग्राम स्तर पर सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करना है। कार्यक्रम के तहत, लाभार्थियों को 10 लाख रुपये की सीमा के साथ 35 प्रतिशत सब्सिडी/पूंजी सहायता प्रदान की जा रही है। डीसी ने संबंधित अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लाभार्थी योजना के दायरे में लाने को सुनिश्चित करने को भी कहा। बैठक में उपस्थित डीएफओ अर्शदीप सिंह, सीपीओ मोहम्मद खुर्शीद, जीएम डीआईसी अश्विनी शर्मा, सीएचओ मदन लाल, वकील अहमद भट्ट और अन्य संबंधित मौजूद रहे।
विज्ञापन