{"_id":"6373e4a6aaf4445e186203d4","slug":"administration-rajouri-news-jmu2723497186","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला प्रशासन, पंचायती राज संस्थान जैसे सभी हितधारकों के साथ समन्वय कर 4 गांवों को तंबाकू मुक्त गांव बनाने के लिए काम करे , डीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला प्रशासन, पंचायती राज संस्थान जैसे सभी हितधारकों के साथ समन्वय कर 4 गांवों को तंबाकू मुक्त गांव बनाने के लिए काम करे , डीसी
विज्ञापन
राजोेरी। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत कोटपा-2003 के क्रियान्वयन पर मंगलवार एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम उपायुक्त विकास कुंडल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य सेवा निदेशालय की तरफ से राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्वेता रैना द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के साथ हुई, जिसमें एनटीसीपी और तंबाकू के उपयोग के स्वास्थ्य खतरों का अवलोकन दिया गया। अधिकारी ने तंबाकू के बोझ की कोपटा -2003 महामारी विज्ञान और विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति प्रस्तुत की। सार्वजनिक स्वास्थ्य को सिगरेट पीने के खतरों से बचाने के लिए कोटपा अधिनियम, 2013 की धारा 4, 5, 6ए, 6बी और 7 के तहत प्रावधानों की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, सार्वजनिक कार्यालय, बार और रेस्तरां, पब, क्लब, होटल और अन्य सार्वजनिक स्थान को नो स्मोकिंग जोन लिए किए जाने वाले उपायों पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि देश में हर साल तंबाकू के सेवन से कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। केंद्र सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, थिएटरों, होटलों, बार और रेस्तरां, पब, क्लब, सामुदायिक हॉल में धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाया है।
उपायुक्त ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य राजोेरी के भीतर तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों को तैयार करना था। कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में आगे का रास्ता तंबाकू नियंत्रण कानूनों का कड़ाई से प्रवर्तन सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्यक्रम की शुरुआत श्वेता रैना द्वारा पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के साथ हुई, जिसमें एनटीसीपी और तंबाकू के उपयोग के स्वास्थ्य खतरों का अवलोकन दिया गया। अधिकारी ने तंबाकू के बोझ की कोपटा -2003 महामारी विज्ञान और विभिन्न हितधारकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति प्रस्तुत की। सार्वजनिक स्वास्थ्य को सिगरेट पीने के खतरों से बचाने के लिए कोटपा अधिनियम, 2013 की धारा 4, 5, 6ए, 6बी और 7 के तहत प्रावधानों की व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड, सार्वजनिक कार्यालय, बार और रेस्तरां, पब, क्लब, होटल और अन्य सार्वजनिक स्थान को नो स्मोकिंग जोन लिए किए जाने वाले उपायों पर कार्यशाला आयोजित की जा रही है। उन्होंने इस तथ्य पर प्रकाश डाला कि देश में हर साल तंबाकू के सेवन से कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। केंद्र सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों, थिएटरों, होटलों, बार और रेस्तरां, पब, क्लब, सामुदायिक हॉल में धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाया है।
विज्ञापन
उपायुक्त ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य राजोेरी के भीतर तंबाकू नियंत्रण कानून के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों को तैयार करना था। कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन की दिशा में आगे का रास्ता तंबाकू नियंत्रण कानूनों का कड़ाई से प्रवर्तन सुनिश्चित करना है।
विज्ञापन