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Poonch News: नियंत्रण रेखा पर दो साल बाद गोलियों की आवाज, करमाड़ा क्षेत्र में दहशत
Fri, 31 Jan 2025 03:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
Updated Fri, 31 Jan 2025 03:06 AM IST
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-पाकिस्तान नापाक हरकतों से बाज नहीं आता, उससे हमारा अमन पता नहीं क्यों नहीं पचता: पूर्व सरपंच
मुनीश शर्मा
पुंछ। जिले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पास वीरवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच लंबी मुठभेड़ चली। करमाड़ा क्षेत्र में करीब दो वर्षों के लंबे अतरल के बाद गोलियों की आवाज गूंजी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग दहशत में रहे। देर शाम 6:30 बजे के करीब शुरू हुई मुठभेड़ में लगभग एक से डेढ़ घंटे गोलीबारी होती रही।
शून्य रेखा के पास बसे गांव करमाड़ा के लोग गोलियों की आवाज सुनने के बाद घरों में दुबक गए। गांव के पूर्व सरपंच मंजूर अहमद माहिर और मोहम्मद आरिफ ने कहा कि तीन दशक तक पाकिस्तानी गोलाबारी में हमने बहुत कुछ खोया है। गांव के दर्जनों लोग अपनी जानें गंवा चुके हैं। कई परिवार पूरी तरह तबाह हो गए हैं, लेकिन अब संघर्ष विराम के बाद राहत की सांस ली है। दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में एक नशा तस्कर के घुसपैठ करने पर सेना ने उसे मार गिराया था। इसके बाद अब इस क्षेत्र में गाेलीबारी हुई है। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह फिर पुरानी करतूत पर आ गया है। मोहम्मद आरिफ कहते हैं कि शाम को अचानक हमारे घर के पीछे की पहाड़ी पर स्थित रख हवेली की तरफ से अचानक गोलियां चलने की आवाज आने लगी। मैंने घर से निकलकर यह पता लगाने का प्रयास किया कि हुआ क्या है। इस पर पत्नी कहने लगी कि शायद चांदमारी हो रही होगी, लेकिन जब गोलीबारी तेज हुई तो कहने लगी कि आप अंदर आ जाओ, लगता है पाकिस्तान ने फिर गोलीबारी शुरू कर दी है। मैंने तुरंत गोलीबारी वाले इलाके के संपर्क वाले कुछ लोगों को फोन किया तो उन्होंने बताया कि घुसपैठ हुई है। पूर्व सरपंच का कहना है कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आने वाला है। उससे हमारा अमन पता नहीं क्यों नहीं पचता। (संवाद)
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मुनीश शर्मा
पुंछ। जिले में भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के पास वीरवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच लंबी मुठभेड़ चली। करमाड़ा क्षेत्र में करीब दो वर्षों के लंबे अतरल के बाद गोलियों की आवाज गूंजी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग दहशत में रहे। देर शाम 6:30 बजे के करीब शुरू हुई मुठभेड़ में लगभग एक से डेढ़ घंटे गोलीबारी होती रही।
शून्य रेखा के पास बसे गांव करमाड़ा के लोग गोलियों की आवाज सुनने के बाद घरों में दुबक गए। गांव के पूर्व सरपंच मंजूर अहमद माहिर और मोहम्मद आरिफ ने कहा कि तीन दशक तक पाकिस्तानी गोलाबारी में हमने बहुत कुछ खोया है। गांव के दर्जनों लोग अपनी जानें गंवा चुके हैं। कई परिवार पूरी तरह तबाह हो गए हैं, लेकिन अब संघर्ष विराम के बाद राहत की सांस ली है। दो वर्ष पूर्व क्षेत्र में एक नशा तस्कर के घुसपैठ करने पर सेना ने उसे मार गिराया था। इसके बाद अब इस क्षेत्र में गाेलीबारी हुई है। पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह फिर पुरानी करतूत पर आ गया है। मोहम्मद आरिफ कहते हैं कि शाम को अचानक हमारे घर के पीछे की पहाड़ी पर स्थित रख हवेली की तरफ से अचानक गोलियां चलने की आवाज आने लगी। मैंने घर से निकलकर यह पता लगाने का प्रयास किया कि हुआ क्या है। इस पर पत्नी कहने लगी कि शायद चांदमारी हो रही होगी, लेकिन जब गोलीबारी तेज हुई तो कहने लगी कि आप अंदर आ जाओ, लगता है पाकिस्तान ने फिर गोलीबारी शुरू कर दी है। मैंने तुरंत गोलीबारी वाले इलाके के संपर्क वाले कुछ लोगों को फोन किया तो उन्होंने बताया कि घुसपैठ हुई है। पूर्व सरपंच का कहना है कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आने वाला है। उससे हमारा अमन पता नहीं क्यों नहीं पचता। (संवाद)
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