{"_id":"60b293ad8ebc3e59603fce3c","slug":"serious-illness-poonch-news-jmu2362449155","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंभीर रोग से पीड़ित पांच वर्षिय जीविका शर्मा के परिजनों ने केन्द्र सरकार से लगाई गुहार,बेटी बचाओं के नारे को करें साकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंभीर रोग से पीड़ित पांच वर्षिय जीविका शर्मा के परिजनों ने केन्द्र सरकार से लगाई गुहार,बेटी बचाओं के नारे को करें साकर
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पुंछ। नगर के वार्ड नंबर 12 मोहल्ला पावर हाउस में रहने वाले एक परिवार ने सरकार से सहायता की गुहार लगाई है। परिवार में एक पांच वर्षीय लड़की जीविका शर्मा गंभीर रोग से पीड़ित है। जीविका के पिता सुशील कुमार और अन्य परिजनों ने अपनी बेटी की जान बचाने की गुहार लगाते हुए केंद्र सरकार से कहा है कि अगर बेटी बचाओ का नारा साकार करना है तो जीविका की जान बचाई जाए।
जीविका के माता पिता चाहते हैं कि अमेरिका से उसके उपचार के लिए दवाई मंगाई जाएं, ताकि जीविका की जान बच सके। नहीं तो वह ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएगी। बच्ची के गंभीर रोग से पीड़ित होने की जानकारी मिलने पर शनिवार को भाजपा नेता और पूर्व एमएलसी प्रदीप शर्मा सुशील कुमार के घर पहुंचे और उन्हें आशवासन दिया कि वह स्वयं इस बारे में प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगे। इस अवसर पर प्रदीप शर्मा ने देश भर के लोगों से आग्रह किया कि वह जीविका शर्मा के उपचार के लिए पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आगे आएं।
सुशील कुमार जलशक्ति विभाग में दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बच्ची ढाई वर्ष की आयु तक स्वस्थ थी। वर्ष 2019 में अचानक वह बीमार हो गई और वह चलते-चलते गिरने लगी। जीविका का इलाज पुंछ, जम्मू और लुधियाना में कराया गया लेकिन वह ठीक नहीं हुई। पिछले वर्ष चिकित्सकों ने बताया कि जीविका को न्यूरोनॉल सिरोड लिफियूसिनोसिस 2 है और उसके उपचार के लिए केवल अमेरिका में ही दवाई उपलब्ध है।
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बच्ची की जान बचाने के लिए न सिर्फ सुशील, बल्कि उनके दो बड़े भाई भी अपना पैसा-जमीन लगा चुके हैं। सुशील कुमार का कहना है कि बच्ची की जान बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन इसके उपचार के लिए जो दवा है वह भारतीय सरकार के सहयोग के बिना नहीं आ सकती है। सरकार ही उस दवाई को मंगाने के साथ भारत में उसके प्रयोग की अनुमति दे तो बच्ची की जान बच सकती है। इस लिए सरकार से विनती है कि बेटी को बचाने के लिए दवाई लाई जाए। उसके पास अब कम समय बचा है।
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जीविका के माता पिता चाहते हैं कि अमेरिका से उसके उपचार के लिए दवाई मंगाई जाएं, ताकि जीविका की जान बच सके। नहीं तो वह ज्यादा दिन जीवित नहीं रह पाएगी। बच्ची के गंभीर रोग से पीड़ित होने की जानकारी मिलने पर शनिवार को भाजपा नेता और पूर्व एमएलसी प्रदीप शर्मा सुशील कुमार के घर पहुंचे और उन्हें आशवासन दिया कि वह स्वयं इस बारे में प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगे। इस अवसर पर प्रदीप शर्मा ने देश भर के लोगों से आग्रह किया कि वह जीविका शर्मा के उपचार के लिए पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आगे आएं।
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सुशील कुमार जलशक्ति विभाग में दिहाड़ी मजदूर हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बच्ची ढाई वर्ष की आयु तक स्वस्थ थी। वर्ष 2019 में अचानक वह बीमार हो गई और वह चलते-चलते गिरने लगी। जीविका का इलाज पुंछ, जम्मू और लुधियाना में कराया गया लेकिन वह ठीक नहीं हुई। पिछले वर्ष चिकित्सकों ने बताया कि जीविका को न्यूरोनॉल सिरोड लिफियूसिनोसिस 2 है और उसके उपचार के लिए केवल अमेरिका में ही दवाई उपलब्ध है।
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बच्ची की जान बचाने के लिए न सिर्फ सुशील, बल्कि उनके दो बड़े भाई भी अपना पैसा-जमीन लगा चुके हैं। सुशील कुमार का कहना है कि बच्ची की जान बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है, लेकिन इसके उपचार के लिए जो दवा है वह भारतीय सरकार के सहयोग के बिना नहीं आ सकती है। सरकार ही उस दवाई को मंगाने के साथ भारत में उसके प्रयोग की अनुमति दे तो बच्ची की जान बच सकती है। इस लिए सरकार से विनती है कि बेटी को बचाने के लिए दवाई लाई जाए। उसके पास अब कम समय बचा है।