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Poonch News: सीता की खोज में भटक रहे राम-लक्ष्मण का हुनमान से हुआ मिलन
Tue, 24 Oct 2023 02:01 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
संवाद न्यूज एजेंसी, पुंछ
Updated Tue, 24 Oct 2023 02:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुंछ। नगर स्थित गीता भवन में सनातन धर्मसभा के सहयोग से राम लीला क्लब पुंछ की ओर से रामलीला जारी है। सोमवार को एक दिन बाद दोबारा रामलीला शुरू हुई। इसमें भगवान शंकर की अराधना और उसके उपरांत जंगली सूत्र धार का मंचन किया गया। रावण द्वारा सीता माता के हरण के उपरांत उनकी खोज में वन वन भटक रहे राम और लक्ष्मण का हनुमान से मिलन के दृश्य का मंचन किया गया।
श्रीमुख पर्वत के समीप पहुंचने पर सुग्रीव द्धारा हनुमान को ब्राहमण के रूप में राम लक्ष्मण के पास भेजा जाता है कि वनवासी के रूप में यह दो योद्धा कौन हैं। हनुमान को जब इस बात का पता चलता है कि यह उनके इष्ट राम हैं तो वह उनके चरण पकड़ लेते हैं और उन्हें वानर राज सुग्रीव के पास ले जाते हैं। यहां सुग्रीव ने अपनी व्यथा सुनाई। इस पर राम सुग्रीव को बालि से युद्ध करने के लिए कहते हैं और खुद वध करने की बात कहते हैं। जब बालि और सुग्रीव के बीच गदा युद्ध होता है तो सुग्रीव बालि से पिट कर भाग जाता है। राम के पास लौट कर उन्हें खरी-खोटी सुनाता है। इसके बाद वह बालि का बध कर देते हैं। वह पुत्र अंगद का हाथ राम को सौंप कर उसे अपनी शरण में रखने का आग्रह करता है, जिसे राम स्वीकार कर लेते हैं। इसके बाद सुग्रीव सीता माता की तलाश करने का वादा भूल जाता है। लक्ष्मण किशकिंधा पहुंच कर सुग्रीव को भला बुरा कहते हैं। सुग्रीव, हनुमान, अंगद और जामवंत सहित राम के पास पहुंच कर क्षमा मांगते हैं और सीता माता की तलाश में निकल जाते हैं। अब मंगलवार को गीता भवन में समुद्र पार जाने के दृश्य का मंचन किया जाएगा।
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पुंछ। नगर स्थित गीता भवन में सनातन धर्मसभा के सहयोग से राम लीला क्लब पुंछ की ओर से रामलीला जारी है। सोमवार को एक दिन बाद दोबारा रामलीला शुरू हुई। इसमें भगवान शंकर की अराधना और उसके उपरांत जंगली सूत्र धार का मंचन किया गया। रावण द्वारा सीता माता के हरण के उपरांत उनकी खोज में वन वन भटक रहे राम और लक्ष्मण का हनुमान से मिलन के दृश्य का मंचन किया गया।
श्रीमुख पर्वत के समीप पहुंचने पर सुग्रीव द्धारा हनुमान को ब्राहमण के रूप में राम लक्ष्मण के पास भेजा जाता है कि वनवासी के रूप में यह दो योद्धा कौन हैं। हनुमान को जब इस बात का पता चलता है कि यह उनके इष्ट राम हैं तो वह उनके चरण पकड़ लेते हैं और उन्हें वानर राज सुग्रीव के पास ले जाते हैं। यहां सुग्रीव ने अपनी व्यथा सुनाई। इस पर राम सुग्रीव को बालि से युद्ध करने के लिए कहते हैं और खुद वध करने की बात कहते हैं। जब बालि और सुग्रीव के बीच गदा युद्ध होता है तो सुग्रीव बालि से पिट कर भाग जाता है। राम के पास लौट कर उन्हें खरी-खोटी सुनाता है। इसके बाद वह बालि का बध कर देते हैं। वह पुत्र अंगद का हाथ राम को सौंप कर उसे अपनी शरण में रखने का आग्रह करता है, जिसे राम स्वीकार कर लेते हैं। इसके बाद सुग्रीव सीता माता की तलाश करने का वादा भूल जाता है। लक्ष्मण किशकिंधा पहुंच कर सुग्रीव को भला बुरा कहते हैं। सुग्रीव, हनुमान, अंगद और जामवंत सहित राम के पास पहुंच कर क्षमा मांगते हैं और सीता माता की तलाश में निकल जाते हैं। अब मंगलवार को गीता भवन में समुद्र पार जाने के दृश्य का मंचन किया जाएगा।
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