पुंछ। जिले के जननेता यशपाल शर्मा ने वर्ष 1978 में मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस सरकार के रोजगार विरोधी नीतियों के खिलाफ पुंछ से शुरू हुए बेरोजगार आंदोलन से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। दो वर्ष तक चले इस आंदोलन के दौरान सात आम नागरिकों और आठ सुरक्षा बल के जवानों ने प्राण गंवाए।
शर्मा के सफल नेतृत्व में आंदोलन बाद में पूरे जम्मू संभाग तक फैल गया। आंदोलन के चलते सरकार को अपनी रोजगार नीति में बदलाव करना पड़ा। इसके बाद जिले के सैकड़ों बेरोजगार युवाओं एवं युवतियों को रोजगार मिला। वकालत की पढ़ाई करने और बेरोजगार आंदोलन से जुड़ने के बाद यशपाल शर्मा ने राजनीतिक सफर शुरू किया। 1980 में नगर पालिक चुनाव में यशपाल शर्मा और उनके साथियों ने नगर के सभी 14 वार्डों में जीत हासिल की। शर्मा नगर पालिका प्रधान बने, जिसके बाद उन्होंने नगर में विकास का नया अध्याय लिखा। उन्होंने पुंछ हवेली विधानसभा क्षेत्र से दो बार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा। फिर वे मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए। कुछ समय तक कांग्रेस में जाने के बाद वे मुफ्ती मोहम्मद सईद के साथ पीडीपी के संस्थापक सदस्य के रूप में रहे। पीडीपी की तरफ से एमएलसी भी बने। रविवार को अंतिम यात्रा में पहुंचे राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रमुखों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने यशपाल शर्मा के निधन पर शोक प्रकट किया। वहीं यशपाल शर्मा के साथ कई दशक से चलने वाले एडवोकेट संजय रैना, मोहम्मद जमान, सतीश सासन, राजेंद्र सिंह, हरचरण सिंह, ताजमीर ने कहा कि यशपाल शर्मा जैसा जननेता और कोई नहीं है।