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बॉक्सिंग में गोल्ड और ब्रांज जीतने वाली बालकृष्ण का अगला लक्ष्य ओलंपिक और एशियन गेम्स
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पुंछ। खेलो इंडिया में गोल्ड और देहरादून में हुई नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज जीतने वाली बालकृष्ण कौर का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक है। जलास के हायर सैकेंडरी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ रही बालकृष्ण अन्य युवतियों के लिए मिसाल है। अमूमन लड़कियां बॉक्सिंग खेल को बहुत कम तरजीह देती हैं, लेकिन बालकृष्ण ने कुछ अलग करने के लिए इस खेल को चुना। कोच मुशताक हुसैन के मार्गदर्शन में अपने प्रदर्शन से स्कूल और जिले का नाम रौशन कर रही हैं।
पिछले साल जम्मू कश्मीर में हुई खेलो इंडिया प्रतियोगिता में इंटर डिस्ट्रिक्ट लेवल में गोल्ड मेडल हासिल किया। बालकृष्ण ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया है। 2018 में देहरादून में हुई नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल जीता। 2019 में गुवाहाटी और 2020 में दिल्ली में भी नेशनल खेला, हालांकि इसमें कोई मेडल नहीं जीत पाई। बालकृष्ण के पिता टीचर हैं और मां गृहिणी है। बालकृष्ण ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिंक के लिए क्वालिफाई करना है।
बालकृष्ण के माता-पिता को भरोसा है कि उनकी बेटी इस खेल में उनका और जिले का नाम रौशन करेगी। बालकृष्ण कौर का कहना है कि वह अन्य लड़कियों से हटकर कुछ करना चाहती थीं, इसलिए बॉक्सिंग को चुना।
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पिछले साल जम्मू कश्मीर में हुई खेलो इंडिया प्रतियोगिता में इंटर डिस्ट्रिक्ट लेवल में गोल्ड मेडल हासिल किया। बालकृष्ण ने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया है। 2018 में देहरादून में हुई नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल जीता। 2019 में गुवाहाटी और 2020 में दिल्ली में भी नेशनल खेला, हालांकि इसमें कोई मेडल नहीं जीत पाई। बालकृष्ण के पिता टीचर हैं और मां गृहिणी है। बालकृष्ण ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिंक के लिए क्वालिफाई करना है।
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बालकृष्ण के माता-पिता को भरोसा है कि उनकी बेटी इस खेल में उनका और जिले का नाम रौशन करेगी। बालकृष्ण कौर का कहना है कि वह अन्य लड़कियों से हटकर कुछ करना चाहती थीं, इसलिए बॉक्सिंग को चुना।
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