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जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान ने विज्ञान की प्रदर्शनी का किया आयोजन
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पुंछ। नगर स्थित जिला शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की तरफ से सोमवार को पहली बार अपनी तरह की विज्ञान प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें पहली बार जिले के 11 शिक्षा जोन के शिक्षकों ने अपने हाथों से बनाए मॉडलों को प्रदर्शित किया। जिन्हें देख कर संस्थान के अधिकारियों ने मॉडलों के साथ ही शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें इसी प्रकार के मॉडलों को अपने-अपने शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के समय प्रयोग करने का आह्वान किया।
नगर स्थित डायट में चल रहे शिक्षकों के विज्ञान के प्रशिक्षण के समापन पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें शिक्षकों ने विज्ञान के विभिन्न विषयों पर बनाए गए मॉडल प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी में संस्थान के प्रधानाचार्य मदन लाल शर्मा मुख्य अतिथि रहे और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके उपरांत उन्होंने मनमोहन सिंह, नजाकत हुसैन आदि के साथ प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए सभी 11 जोन के मॉडलों को बारीकी से देखने के साथ ही उनको बनाने वाले शिक्षकों से उन मॉडलों के बारे में चर्चा करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि शिक्षकों ने इन मॉडलों को बनाने के पीछे क्या सोच ली हुई है।
मदन लाल शर्मा ने शिक्षकों की उनके द्वारा बनाए मॉडलों के लिए सराहना करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में यह एक प्रमुख साधन हैं, क्योंकि अब बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देना हैं, बल्कि उनको प्रेक्टिकली हर विषय से अवगत कराना है। ऐसे में यहां उपस्थित सभी शिक्षकों से मेरा आग्रह है कि वह इसी प्रकार अपने-अपने स्कूलों में भी ऐसे ही मॉडलों द्वारा बच्चोें को समाज विज्ञान का ज्ञान प्रदान करें।
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नगर स्थित डायट में चल रहे शिक्षकों के विज्ञान के प्रशिक्षण के समापन पर प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें शिक्षकों ने विज्ञान के विभिन्न विषयों पर बनाए गए मॉडल प्रदर्शित किए। प्रदर्शनी में संस्थान के प्रधानाचार्य मदन लाल शर्मा मुख्य अतिथि रहे और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके उपरांत उन्होंने मनमोहन सिंह, नजाकत हुसैन आदि के साथ प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए सभी 11 जोन के मॉडलों को बारीकी से देखने के साथ ही उनको बनाने वाले शिक्षकों से उन मॉडलों के बारे में चर्चा करते हुए यह जानने का प्रयास किया कि शिक्षकों ने इन मॉडलों को बनाने के पीछे क्या सोच ली हुई है।
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मदन लाल शर्मा ने शिक्षकों की उनके द्वारा बनाए मॉडलों के लिए सराहना करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति में यह एक प्रमुख साधन हैं, क्योंकि अब बच्चों को केवल पुस्तकीय ज्ञान ही नहीं देना हैं, बल्कि उनको प्रेक्टिकली हर विषय से अवगत कराना है। ऐसे में यहां उपस्थित सभी शिक्षकों से मेरा आग्रह है कि वह इसी प्रकार अपने-अपने स्कूलों में भी ऐसे ही मॉडलों द्वारा बच्चोें को समाज विज्ञान का ज्ञान प्रदान करें।
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