पुंछ। देश भर की तरह पुंछ में भी क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह को उनके 80 वें बलिदान दिवस पर याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजली दी गई। जहां वक्ताओं ने उधम सिंह के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उधम सिंह सरीखे क्र ांतिकारियों के बलिदान से ही आज हम लोग आजाद हिंदुस्तान में सांस ले रहे हैं।
शुक्रवार को नगर में कोरोना महामारी के खतरे के बीच एक सादे समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सर्वजीत सिंह कांती, सुखविंदर सिंह, रमेश कुमार की अगुवाई में दर्जन भर लोग एकत्र हुुए और शहीद उधम सिंह के चित्र पर हार एवं पुष्प अर्पित करते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजली अर्पित की। उधम सिंह के जीवन और बलिदान पर विचार रखते हुए सर्वजीत सिंह क्रांति और सुखविंदर सिंह ने कहा कि 1919 में बैसाखी मेले के दौरान जलियांवाला बाग में अंग्रेज हुकूमत के कुरूर जरनल डायर द्वारा निहत्थे लोगों को गोलियां से भून कर उनका नरसंहार किया था। इस पर 14 वर्षीय उधम सिंह ने जर्नल डायर को मारने की सौगंध उठाई थी। उन्होंने 21 वर्ष बाद लंदन में जाकर डायर को गोलीमार कर ढेर किया था। इसके बाद उन्हें लंदन में ही आज के दिन फांसी की सजा सुनाई गई थी। जिसे उन्होंने हंसते-हंसते स्वीकार कर देश के लिए बलिदान दे दिया था।