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पाकिस्तानी गोलाबारी से काम-धंधा चौपट
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पुंछ। जिले में नियंत्रण रेखा पर आए दिन पाकिस्तान की तरफ से की जाने वाली गोलीबारी से नियंत्रण रेखा के आसपास बसे ग्रामीण का काम धंधा पूरी तरह चौपट होकर रह गया है। इससे उनमें पाकिस्तान के प्रति भारी रोष है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखाना चाहिए, तभी वह सुधरेगा।
करमाड़ा गांव में दर्जी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद शकील का कहना है कि पिछले एक महीने से इलाके में हर दिन गोलाबारी हो रही है। गोलाबारी होने पर वे दुकान बंद कर जान बचाने के लिए घर भाग जाते हैं। ऐसे में उनके लिए परिवार का भरण-पोषण कर पाना मुश्किल हो गया है। पहले एक सूट को वे एक दिन में बना लेते थे, अब उसे बनाने में एक हफ्ता लग जाता है, क्योंकि जैसे ही हम दुकान खोल कर काम शुरू करते हैं तो गोलीबारी शुरू हो जाती है। जान बचाने के लिए हमें दुकान बंद कर भागना पड़ता है। उन्होंने कहा कि करमाड़ा गांव में उनके जैसे अन्य लोगों की दुकानें पाकिस्तानी सेना की चौकियों के एक दम सामने हैं, ऐसे में ज्यादा मुश्किल आती है। शकील ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलाबारी में उनकी दुकान में भी गोली लगी। गोली दीवार में लगी थी, यदि अंदर आ जाती तो जान भी जा सकती थी।
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करमाड़ा गांव में दर्जी की दुकान चलाने वाले मोहम्मद शकील का कहना है कि पिछले एक महीने से इलाके में हर दिन गोलाबारी हो रही है। गोलाबारी होने पर वे दुकान बंद कर जान बचाने के लिए घर भाग जाते हैं। ऐसे में उनके लिए परिवार का भरण-पोषण कर पाना मुश्किल हो गया है। पहले एक सूट को वे एक दिन में बना लेते थे, अब उसे बनाने में एक हफ्ता लग जाता है, क्योंकि जैसे ही हम दुकान खोल कर काम शुरू करते हैं तो गोलीबारी शुरू हो जाती है। जान बचाने के लिए हमें दुकान बंद कर भागना पड़ता है। उन्होंने कहा कि करमाड़ा गांव में उनके जैसे अन्य लोगों की दुकानें पाकिस्तानी सेना की चौकियों के एक दम सामने हैं, ऐसे में ज्यादा मुश्किल आती है। शकील ने बताया कि सोमवार को पाकिस्तान की तरफ से की गई गोलाबारी में उनकी दुकान में भी गोली लगी। गोली दीवार में लगी थी, यदि अंदर आ जाती तो जान भी जा सकती थी।
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