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Kathua News: बिना रूट परमिट, लापरवाह चालक पर 5,500 का जुर्माना
Sun, 15 Jun 2025 02:22 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sun, 15 Jun 2025 02:22 AM IST
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कठुआ। बिलावर की मुंसिफ कोर्ट ने लापरवाही से वाहन चालने, मानव जीवन को खतरे में डालने और बिना रूट परमिट वाहन चालने के दोषी पर 5,500 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी ने जुर्माने की राशि मौके पर ही अदा कर दी। इसलिए कोर्ट ने मामले का निपटान कर दिया।
बिलावर पुलिस ने पिछले माह धार डुग्गनू बिलावर निवासी आरोपी वाहन चालक लक्की सिंह को गिरफ्तार किया था। उस पर लापरवाही से बिना रूट वाहन चालने का आरोप लगा था। पुलिस ने 19 मई को कोर्ट में उसका चालान प्रस्तुत किया। आरोपी ने भी उसी दिन अपने अपराध की स्वीकारोक्ति के लिए आवेदन किया।
कोर्ट ने आरोपी से कहा कि वह स्वीकारोक्ति बयान देने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा।
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इसलिए कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देकर उसे 5,500 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है। आदेश के अनुसार दोषी को बीएनएस की धारा 281 के तहत अपराध करने के लिए 1,500 रुपये जुर्माना, बीएनएस की धारा 125 के तहत अपराध के लिए 1,000 रुपये और एमवी एक्ट की धारा 192-ए के तहत अपराध करने के लिए 3,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर मामले में कोई भी संपत्ति जब्त है तो उसे उसके सही मालिक के पक्ष में जारी कर दिया जाए।
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बिलावर पुलिस ने पिछले माह धार डुग्गनू बिलावर निवासी आरोपी वाहन चालक लक्की सिंह को गिरफ्तार किया था। उस पर लापरवाही से बिना रूट वाहन चालने का आरोप लगा था। पुलिस ने 19 मई को कोर्ट में उसका चालान प्रस्तुत किया। आरोपी ने भी उसी दिन अपने अपराध की स्वीकारोक्ति के लिए आवेदन किया।
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कोर्ट ने आरोपी से कहा कि वह स्वीकारोक्ति बयान देने के लिए बाध्य नहीं है। अगर वह ऐसा करता है तो उसका बयान उसके खिलाफ भी पढ़ा जा सकता है लेकिन आरोपी अपने बयान पर अड़ा रहा।
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इसलिए कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देकर उसे 5,500 रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है। आदेश के अनुसार दोषी को बीएनएस की धारा 281 के तहत अपराध करने के लिए 1,500 रुपये जुर्माना, बीएनएस की धारा 125 के तहत अपराध के लिए 1,000 रुपये और एमवी एक्ट की धारा 192-ए के तहत अपराध करने के लिए 3,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने आदेश दिया कि अगर मामले में कोई भी संपत्ति जब्त है तो उसे उसके सही मालिक के पक्ष में जारी कर दिया जाए।