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Kathua News: जमीन छू रहे तार<bha>;</bha> जानमाल का खतरा, प्रशासन बेपरवाह
Sat, 03 May 2025 12:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Sat, 03 May 2025 12:37 AM IST
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बनी के थल में लकड़ी के खंभे से टंगे बिजली के तार। संवाद
- फोटो : kathua
बनी के थल गांव में बिजली व्यवस्था बदहाल, लकड़ी के खंभों से मंडरा रहा खतरा
बनी। कठुआ जिले की बनी तहसील के गांव थल में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। बिजली सप्लाई के लिए लकड़ी के कमजोर खंभों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 200 से अधिक आबादी वाले इस क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी शिवलाल ने बताया कि हमने कई बार प्रशासन को इस खतरे से अवगत कराया है। लिखित और मौखिक रूप से अनुरोध किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इलाके में आज भी बिजली सप्लाई के लिए लकड़ी के पुराने खंभों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे तूफान और बारिश के समय स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। कई जगह तार सरसों के पेड़ों और लकड़ी के खंभों से लटकी हुई हैं। तेज हवाएं चलते ही यह जमीन को छूने लगती हैं।
ग्रामीण तरसेम लाल ने कहा कि गांव में कई बार बिजली के तार से करंट लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जानवरों की भी मौत हो चुकी है, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ता। हाल ही में तीन बकरियों की करंट लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
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बनी। कठुआ जिले की बनी तहसील के गांव थल में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। बिजली सप्लाई के लिए लकड़ी के कमजोर खंभों का इस्तेमाल किया जा रहा है। 200 से अधिक आबादी वाले इस क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी शिवलाल ने बताया कि हमने कई बार प्रशासन को इस खतरे से अवगत कराया है। लिखित और मौखिक रूप से अनुरोध किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इलाके में आज भी बिजली सप्लाई के लिए लकड़ी के पुराने खंभों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे तूफान और बारिश के समय स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। कई जगह तार सरसों के पेड़ों और लकड़ी के खंभों से लटकी हुई हैं। तेज हवाएं चलते ही यह जमीन को छूने लगती हैं।
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ग्रामीण तरसेम लाल ने कहा कि गांव में कई बार बिजली के तार से करंट लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। जानवरों की भी मौत हो चुकी है, लेकिन किसी को फर्क नहीं पड़ता। हाल ही में तीन बकरियों की करंट लगने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
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