{"_id":"626ae9ed8f05c45f3d39fc19","slug":"water-supply-is-also-affected-by-tanker-due-to-power-cut-kathua-news-jmu258768212","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली कटौती के चलते टैंकर से भी पानी की आपूर्ति हो रही प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली कटौती के चलते टैंकर से भी पानी की आपूर्ति हो रही प्रभावित
विज्ञापन
ट्यूबवेल से पीने के लिए पानी ले जाता युवक। संवाद
- फोटो : KATHUA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ। बिना बिजली के जिले में पानी की आपूर्ति करने वाले टैंकरों की रफ्तार भी बिजली संकट ने कम कर दी है। बिजली कटौती होने के चलते पारलीवंड के रिफिलिंग स्टेशन पर काम ठप हो जाता है। ऐसे में टैंकरों की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। वर्तमान में कठुआ शहर में सात टैंकर और बिलावर के इलाकों में चार ट्रैक्टर ट्रॉली पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटे हैं, लेकिन यह भी कम पड़ रहा है।
हालात सामान्य न होते देख, सरकार ने जलशक्ति विभाग से कठुआ में समाधान के लिए योजना मांगी, जिसके तहत जलशक्ति विभाग की ओर से अतिरिक्त और छोटे टैंकरों के साथ-साथ दो जनरेटर सेट उपलब्ध करवाए जाने की मांग भी रखी गई है। जलशक्ति विभाग के मैकेनिकल विंग के कार्यकारी अभियंता रमेश कुमार केसर ने बताया कि बिजली संकट के बीच इस बार गांव के अतिरिक्त शहर के इलाकों में भी टैंकरों की मांग बढ़ गई है। दूर दराज के इलाकों में पानी की आपूर्ति के लिए जाने वाले टैंकर दिन में तीन-तीन फेरे लगा रहे हैं तो वहीं नजदीक के इलाकों में चार-चार बार टैंकर से पानी की अलग-अलग इलाकों में आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मांग के अनुरूप यह काफी कम है। ऐसे में सरकार की ओर से मांगे गए सुझाव के अनुरूप योजना बनाकर भेज दी गई है। इसके तहत अतिरिक्त टैंकरों की मांग रखी गई है। साथ ही दो जनरेटर सेट भी मांग में शामिल हैं ताकि बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने पर भी रिफिलिंग जारी रहे।
.....................
औंधे मुंह गिरी सरकार की हर घर नल से जल योजना
कठुआ। सरकार की हर घर, नल से जल योजना औंधे मुंह गिर गई है। हालात यह हैं कि नल तो हैं लेकिन जल नहीं। बिजली संकट के चलते जिले के शहरी इलाकों में भी गांव से हालात हो गए हैं। लोगों की दिनचर्या का पहला काम अब पीने के लिए पानी का जुगाड़ बन गया है। सुबह से ही पारलीवंड ट्यूबवेल के बाहर नहाने वालों की कतार लग जाती है तो वहीं दिनभर लोग घर से बर्तन लाकर पानी भरने के लिए ट्यूबवेल के चक्कर लगाते हैं। हालात इस कदर बद्तर हैं कि गरीब कांधे पर तो मध्यम वर्ग वाले आटो में ड्रम, टंकियां भरकर रिफिलिंग स्टेशन से पानी लेने को मजबूर हो रहे हैं। लोग नहाने के लिए ट्यूबवेल पहुंचते नजर आते हैं तो वहीं कपड़े धोने के लिए नहर का रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालात सामान्य न होते देख, सरकार ने जलशक्ति विभाग से कठुआ में समाधान के लिए योजना मांगी, जिसके तहत जलशक्ति विभाग की ओर से अतिरिक्त और छोटे टैंकरों के साथ-साथ दो जनरेटर सेट उपलब्ध करवाए जाने की मांग भी रखी गई है। जलशक्ति विभाग के मैकेनिकल विंग के कार्यकारी अभियंता रमेश कुमार केसर ने बताया कि बिजली संकट के बीच इस बार गांव के अतिरिक्त शहर के इलाकों में भी टैंकरों की मांग बढ़ गई है। दूर दराज के इलाकों में पानी की आपूर्ति के लिए जाने वाले टैंकर दिन में तीन-तीन फेरे लगा रहे हैं तो वहीं नजदीक के इलाकों में चार-चार बार टैंकर से पानी की अलग-अलग इलाकों में आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। मांग के अनुरूप यह काफी कम है। ऐसे में सरकार की ओर से मांगे गए सुझाव के अनुरूप योजना बनाकर भेज दी गई है। इसके तहत अतिरिक्त टैंकरों की मांग रखी गई है। साथ ही दो जनरेटर सेट भी मांग में शामिल हैं ताकि बिजली आपूर्ति प्रभावित रहने पर भी रिफिलिंग जारी रहे।
विज्ञापन
.....................
औंधे मुंह गिरी सरकार की हर घर नल से जल योजना
कठुआ। सरकार की हर घर, नल से जल योजना औंधे मुंह गिर गई है। हालात यह हैं कि नल तो हैं लेकिन जल नहीं। बिजली संकट के चलते जिले के शहरी इलाकों में भी गांव से हालात हो गए हैं। लोगों की दिनचर्या का पहला काम अब पीने के लिए पानी का जुगाड़ बन गया है। सुबह से ही पारलीवंड ट्यूबवेल के बाहर नहाने वालों की कतार लग जाती है तो वहीं दिनभर लोग घर से बर्तन लाकर पानी भरने के लिए ट्यूबवेल के चक्कर लगाते हैं। हालात इस कदर बद्तर हैं कि गरीब कांधे पर तो मध्यम वर्ग वाले आटो में ड्रम, टंकियां भरकर रिफिलिंग स्टेशन से पानी लेने को मजबूर हो रहे हैं। लोग नहाने के लिए ट्यूबवेल पहुंचते नजर आते हैं तो वहीं कपड़े धोने के लिए नहर का रुख कर रहे हैं।

जलशक्ति विभाग के पारलीवंड ट्सूबवेल से आटो में भरकर पानी ले जाते लोग। संवाद- फोटो : KATHUA

अपने घरेलु जरूरत के लिए पारलीवंड स्थित जलशक्ति विभाग के ट्यूबवेल से पानी लेकर जाता युवक। संवाद- फोटो : KATHUA
विज्ञापन