{"_id":"68315564d2407ee1d4bda51ac7d0a8fe","slug":"vehicle-in-no-parking-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नो पार्किंग में वाहन, फुटपाथ भी कब्जे में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नो पार्किंग में वाहन, फुटपाथ भी कब्जे में
कठुआ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2016 01:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में यातायात व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है। छोटे से कसबे में ही वाहनों का जाम लग जाता है। इस समस्या का सबसे बड़ा कारण पार्किंग की कोई सुविधा नहीं होना है। शहर में यातायात समस्या व और पार्क़िग के लिए योजनाएं तो बनाई जाती हैं, पर अमल नहीं हो पा रहा है।
शहर के मुख्य कालेज मार्ग से लेकर मुखर्जी चौक तक यातायात व्यवस्था रामभरोसे है। अनियंत्रित पार्किंग यहां से पैदल जाने वालों के भी भी मुसीबत बन गई है।
हैरानी वाली बात है कि जिला सचिवालय के सामने भी अवैध पार्क़िग हो रही है। यहां नो पार्किंग में भी दो पहिया और चारपहिया वाहन खड़े नजर आते हैं।
जिला मुख्यालय में पार्किंग की उचित सुविधा नहीं है। शहर के डीसी आफिस के अलावा शहीदी चौक में कहीं भी पार्किंग स्थल नहीं है।
लोग अपने रिस्क पर ही वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने बाधा आती है। डीसी आफिस के सामने नो पार्किंग जोन, मुुखर्जी चौक, शहीदी चौक में वाहनों का जमावड़ा सुबह से लेकर शाम तक देखा जा सकता है।
हालांकि, मुखर्जी चौक पर नगर परिषद की पार्किंग व्यवस्था है, लेकिन यह नाकाफी है। शहर में बढ़ रहे वाहनों की संख्या के आगे यह व्यवस्था फेल हो गई है।
पार्किंग की विकराल होती समस्या को देखते हुए सरकार ने 107 लाख रुपये के पार्किंग स्थल को मंजूरी दी है, लेकिन पार्किंग स्थल के अधीन बिजली विभाग का कार्यालय, सीएमओ आफिस, सीएपीडी का स्टोर, मत्स्य विभाग कार्यालय आदि आएंगे।
विज्ञापन
लिहाजा, इन कार्यालयों को अब तक शिफ्ट नहीं किया गया है। इसके चलते बहुउद्देशीय पार्किंग स्थल का काम फिलहाल लटका हुआ है।
विज्ञापन
शहर के मुख्य कालेज मार्ग से लेकर मुखर्जी चौक तक यातायात व्यवस्था रामभरोसे है। अनियंत्रित पार्किंग यहां से पैदल जाने वालों के भी भी मुसीबत बन गई है।
हैरानी वाली बात है कि जिला सचिवालय के सामने भी अवैध पार्क़िग हो रही है। यहां नो पार्किंग में भी दो पहिया और चारपहिया वाहन खड़े नजर आते हैं।
जिला मुख्यालय में पार्किंग की उचित सुविधा नहीं है। शहर के डीसी आफिस के अलावा शहीदी चौक में कहीं भी पार्किंग स्थल नहीं है।
लोग अपने रिस्क पर ही वाहनों को सड़कों के किनारे खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने बाधा आती है। डीसी आफिस के सामने नो पार्किंग जोन, मुुखर्जी चौक, शहीदी चौक में वाहनों का जमावड़ा सुबह से लेकर शाम तक देखा जा सकता है।
विज्ञापन
हालांकि, मुखर्जी चौक पर नगर परिषद की पार्किंग व्यवस्था है, लेकिन यह नाकाफी है। शहर में बढ़ रहे वाहनों की संख्या के आगे यह व्यवस्था फेल हो गई है।
पार्किंग की विकराल होती समस्या को देखते हुए सरकार ने 107 लाख रुपये के पार्किंग स्थल को मंजूरी दी है, लेकिन पार्किंग स्थल के अधीन बिजली विभाग का कार्यालय, सीएमओ आफिस, सीएपीडी का स्टोर, मत्स्य विभाग कार्यालय आदि आएंगे।
विज्ञापन
लिहाजा, इन कार्यालयों को अब तक शिफ्ट नहीं किया गया है। इसके चलते बहुउद्देशीय पार्किंग स्थल का काम फिलहाल लटका हुआ है।