{"_id":"60a5597d8ebc3ea7057caef4","slug":"vaccine-kathua-news-jmu235598411","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस दिन बाद जिले में पहुंची नौ हजार वैक्सीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस दिन बाद जिले में पहुंची नौ हजार वैक्सीन
विज्ञापन
दस दिन के इंतजार के बाद आखिरकार कठुआ जिले को नौ हजार वैक्सीन की डोज सप्लाई हो गई हैं। पिछले तीन दिनों से जिले के तमाम वैक्सीनेशन सेंटर आउट ऑफ स्टॉक हो गए थे। इस कारण टीकाकरण अभियान रूक गया था। स्वास्थ्य विभाग अब एक बार फिर वैक्सीनेशन को रफ्तार देने में जुट गया है। विशेष रूप से दूरदराज इलाकों पर फोकस करने की तैयारी है।
स्वास्थ्य विभाग इसके लिए मोबाइल टीमों को सक्रिय करने जा रहा है, जो बनी और बिलावर मेडिकल ब्लाक के दूरदराज इलाकों में कैंप लगाकर लोगों को वैक्सीनेशन देंगे। जिले में फिलहाल 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का ही टीकाकरण किया जा रहा है, जिसमें जिले की 23 फीसदी आबादी शामिल है। 16 जनवरी से देशभर की ही तरह कठुआ जिले में भी शुरू हुए टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों के बाद एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक आयु और एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीके की डोज उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कठुआ जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु की 67 फीसदी आबादी को टीके की पहली डोज लगा दी गई है। 33 फीसदी शेष 45 वर्ष से अधिक आयु की आबादी को अब मिशन मोड पर इसमें शामिल किया जाना है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने भी साफ किया है कि टीके की कमी अब नहीं आने दी जाएगी और नियमित रूप से सप्लाई सुनिश्चित होती रहेगी।
विज्ञापन
पहाड़ी इलाके टीकाकरण में पिछड़े
50 दिनों में जिले भर के 118 वैक्सीनेशन केंद्रों में चल रहे अभियान के बीच जिले में जहां इस आयु वर्ग के 67 फीसदी लक्ष्य को हासिल किया गया है वहीं शेष बचे लोग जिले के दूर दराज और पहाड़ी इलाकों से हैं। जागरूकता का अभाव हो या फिर दूर दराज इलाकों तक टीमों के पहुंचने में हुई देरी कि अभी तक बिलावर और बनी के दूर दराज इलाकों में नाममात्र ही टीकाकरण हो पाया है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कठुआ के मैदानी इलाकों में हीरानगर स्वास्थ्य ब्लाक में सबसे अधिक 84 फीसदी, बसोहली में 78 फीसदी, परोल में 76 फीसदी लक्ष्य हासिल किया जा चुका है तो वहीं लोहाई मल्हार जैसे दूर दराज इलाके वाले बिलावर ब्लाक में 41 और डुग्गन, बनी जैसे दूर दराज इलाकों वाले बनी ब्लाक में 37 प्रतिशत टीकाकरण ही संभव हो सका है। बनी प्रशासन की ओर से हाल ही में डुग्गन और भंडार के दूर दराज इलाकों में टीमों को भेजकर टीकाकरण करवाया गया है। उम्मीद है कि टीके की सप्लाई मिलने के बाद इन क्षेत्रों की 45 वर्ष की आयु से अधिक की आबादी को भी कवर किया जा सकेगा।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग इसके लिए मोबाइल टीमों को सक्रिय करने जा रहा है, जो बनी और बिलावर मेडिकल ब्लाक के दूरदराज इलाकों में कैंप लगाकर लोगों को वैक्सीनेशन देंगे। जिले में फिलहाल 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का ही टीकाकरण किया जा रहा है, जिसमें जिले की 23 फीसदी आबादी शामिल है। 16 जनवरी से देशभर की ही तरह कठुआ जिले में भी शुरू हुए टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्करों के बाद एक मार्च से 60 वर्ष से अधिक आयु और एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीके की डोज उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कठुआ जिले में 45 वर्ष से अधिक आयु की 67 फीसदी आबादी को टीके की पहली डोज लगा दी गई है। 33 फीसदी शेष 45 वर्ष से अधिक आयु की आबादी को अब मिशन मोड पर इसमें शामिल किया जाना है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने भी साफ किया है कि टीके की कमी अब नहीं आने दी जाएगी और नियमित रूप से सप्लाई सुनिश्चित होती रहेगी।
विज्ञापन
पहाड़ी इलाके टीकाकरण में पिछड़े
50 दिनों में जिले भर के 118 वैक्सीनेशन केंद्रों में चल रहे अभियान के बीच जिले में जहां इस आयु वर्ग के 67 फीसदी लक्ष्य को हासिल किया गया है वहीं शेष बचे लोग जिले के दूर दराज और पहाड़ी इलाकों से हैं। जागरूकता का अभाव हो या फिर दूर दराज इलाकों तक टीमों के पहुंचने में हुई देरी कि अभी तक बिलावर और बनी के दूर दराज इलाकों में नाममात्र ही टीकाकरण हो पाया है। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कठुआ के मैदानी इलाकों में हीरानगर स्वास्थ्य ब्लाक में सबसे अधिक 84 फीसदी, बसोहली में 78 फीसदी, परोल में 76 फीसदी लक्ष्य हासिल किया जा चुका है तो वहीं लोहाई मल्हार जैसे दूर दराज इलाके वाले बिलावर ब्लाक में 41 और डुग्गन, बनी जैसे दूर दराज इलाकों वाले बनी ब्लाक में 37 प्रतिशत टीकाकरण ही संभव हो सका है। बनी प्रशासन की ओर से हाल ही में डुग्गन और भंडार के दूर दराज इलाकों में टीमों को भेजकर टीकाकरण करवाया गया है। उम्मीद है कि टीके की सप्लाई मिलने के बाद इन क्षेत्रों की 45 वर्ष की आयु से अधिक की आबादी को भी कवर किया जा सकेगा।