{"_id":"67ec480f23f34d54120056a6","slug":"the-youth-stood-with-the-security-forces-to-eliminate-the-terrorists-kathua-news-c-10-1-jmu1038-580011-2025-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों के साथ डटे रहे युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: आतंकियों के खात्मे के लिए सुरक्षाबलों के साथ डटे रहे युवा
Wed, 02 Apr 2025 01:39 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 02 Apr 2025 01:39 AM IST
विज्ञापन
मुठभेड़ स्थल से कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने लगाया लंगर, यहां गांव से रोटी बनाकर ट्रैक्टर में लाई ग
- फोटो : kathua
स्थानीय युवाओं ने कहा - अगर आतंकियों के खात्मे के लिए हमारे हाथ में बंदूक थमाई जाए, तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे
हीरानगर/बिलावर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सन्याल इलाके में आतंकियों से मुठभेड़ के बाद करीब दस दिनों में तीसरी बार बिलावर के पंजतीर्थी क्षेत्र में मुठभेड़ शुरू हुई। जहां एक ओर सुरक्षाबल आतंकियों के खात्मे के लिए डटे हुए थे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं ने भी उनका मनोबल बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
मुठभेड़ स्थल पर जाते सुरक्षाकर्मियों के साथ स्थानीय युवा भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे और उन्हें इलाके के जंगलों व रास्तों की विस्तृत जानकारी दे रहे थे। स्थानीय युवाओं का यह जज्बा सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा था।
स्थानीय युवाओं ने कहा, अगर आतंकियों के खात्मे के लिए हमारे हाथ में बंदूक थमाई जाए, तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। आतंकवाद और उसके समर्थकों का सफाया ही
इस इलाके में सुरक्षा और शांति ला सकता है।
स्थानीय युवा अमित कुमार ने बताया, आतंकियों के लिए यह एक पुराना रूट है। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति - पहाड़ियाँ, घने जंगल और चट्टानें - काफी जटिल है। इनकी जानकारी सुरक्षाबलों से ज्यादा हम स्थानीय लोगों को है। इसलिए सरकार को चाहिए कि ग्रामीण इलाकों के युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें हथियार मुहैया कराए, ताकि ऐसे मौकों पर हम भी सुरक्षाबलों के साथ मिलकर आतंकवादियों के खिलाफ लड़ सकें। इस दौरान, स्थानीय युवाओं ने जंगल में तैनात सुरक्षाकर्मियों तक खाना-पानी पहुंचाने का काम भी किया, जो उनके साहस और समर्पण को दर्शाता है। वहीं, देर शाम तक इस इलाके में रुक-रुककर गोलीबारी जारी रही और स्थानीय निवासी आतंकियों के मारे जाने की खबर का बेसब्री से इंतजार करते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
हीरानगर/बिलावर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे सन्याल इलाके में आतंकियों से मुठभेड़ के बाद करीब दस दिनों में तीसरी बार बिलावर के पंजतीर्थी क्षेत्र में मुठभेड़ शुरू हुई। जहां एक ओर सुरक्षाबल आतंकियों के खात्मे के लिए डटे हुए थे, वहीं दूसरी ओर स्थानीय युवाओं ने भी उनका मनोबल बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
मुठभेड़ स्थल पर जाते सुरक्षाकर्मियों के साथ स्थानीय युवा भी कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे और उन्हें इलाके के जंगलों व रास्तों की विस्तृत जानकारी दे रहे थे। स्थानीय युवाओं का यह जज्बा सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा था।
विज्ञापन
स्थानीय युवाओं ने कहा, अगर आतंकियों के खात्मे के लिए हमारे हाथ में बंदूक थमाई जाए, तो हम भी पीछे नहीं हटेंगे। आतंकवाद और उसके समर्थकों का सफाया ही
इस इलाके में सुरक्षा और शांति ला सकता है।
स्थानीय युवा अमित कुमार ने बताया, आतंकियों के लिए यह एक पुराना रूट है। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति - पहाड़ियाँ, घने जंगल और चट्टानें - काफी जटिल है। इनकी जानकारी सुरक्षाबलों से ज्यादा हम स्थानीय लोगों को है। इसलिए सरकार को चाहिए कि ग्रामीण इलाकों के युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें हथियार मुहैया कराए, ताकि ऐसे मौकों पर हम भी सुरक्षाबलों के साथ मिलकर आतंकवादियों के खिलाफ लड़ सकें। इस दौरान, स्थानीय युवाओं ने जंगल में तैनात सुरक्षाकर्मियों तक खाना-पानी पहुंचाने का काम भी किया, जो उनके साहस और समर्पण को दर्शाता है। वहीं, देर शाम तक इस इलाके में रुक-रुककर गोलीबारी जारी रही और स्थानीय निवासी आतंकियों के मारे जाने की खबर का बेसब्री से इंतजार करते रहे।
विज्ञापन