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Kathua News: बाढ़ से आयुष व बिजली विभाग के नवनिर्मित कार्यालय सहित सहार खड्ड पुल की सुरक्षा दीवार बही
Tue, 19 Aug 2025 12:58 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 19 Aug 2025 12:58 AM IST
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कठुआ। कंडी इलाके में जंगलोट के बागड़ा में बादल फटने के बाद आई भयंकर बाढ़ ने सहार खड्ड पर बने पुल की सुरक्षा दीवार बह गई है। इसके चलते पुल के एक ट्यूब के आधे हिस्से को संकेतक लगाकर बंद कर दिया है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हो रहा है। वहीं, बाढ़ ने सहार खड्ड के किनारे पर करोड़ की लागत से हाल ही बने दो नवनिर्मित सरकारी कार्यालयों पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे है। इन दोनों कार्यालयों की भी सुरक्षा दीवार बह गई है और बाढ़ का पानी इमारतों की नींव तक पहुंच गया है।
दरअसल रविवार को सहार खड्ड में आई भयंकर बाढ़ ने जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पुल के निर्माण में लगी कंपनियों को पोल खोल दी है। यह वहीं पुल की सुरक्षा दीवार है जिसको बीते वर्ष ही निर्माण किया गया था। जो पहली भारी बारिश के बाद ही बह गई है। जबकि पुल के नजदीक किनारे पर बनी करोड़ की लागत से बने दो सरकारी कार्यालय जिसमें जिला आयुष विभाग का कार्यालय और बिजली विभाग का कार्यालय भी भूमि कटाव के चलते भारी नुकसान पहुंचा है।
आयुष विभाग के अधिकारियों की माने तो बाढ़ ने केवल आयुष विभाग के कार्यालय के सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि बाढ़ का पानी नई इमारत के नींव को खोखला बना चुकी है। गनीमत रही कि अब तक कार्यालय की मुख्य इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आशंका जताई जा रही है कि अगर आज-कल में भारी बाढ़ आती है तो आयुष विभाग की इमारत को भी नुकसान पहुंच सकता है। पिछले महीने ही आयुष विभाग ने लगभग पांच करोड़ की लागत से बनी नवनिर्मित इमारत में कार्यालय को स्थापित किया था। लगभग यही हाल बिजली विभाग की नवनिर्मित कार्यालय का है। इसको भी बाढ़ के बाद हुए भूमि कटाव से काफी नुकसान पहुंचा है। हाल ही में बिजली विभाग की इमारत बनकर तैयार हो गई है, लेकिन अभी तक वहां कार्यालय को स्थापित नहीं किया है। फिलहाल बिजली विभाग का कार्यालय किराये की इमारत से शहर के बीचोंबीच चल रहा है। वहीं, शहरवासियों का कहना है कि जब जिला प्रशासन को पता था कि सहार खड्ड में भयंकर बाढ़ आती है तो इन दफ्तरों का निर्माण किनारे पर क्यों किया गया जो पहली भारी बारिश के बाद भी नुकसान पहुंचा है।
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बाढ़ के बाद कार्यालय की सुरक्षा दीवार को हुए नुकसान को लेकर जिला प्रशासन सहित निदेशक आयुष जम्मू-कश्मीर और बाढ़ नियंत्रण विभाग के संज्ञान में लाया जा चुका है। जहां नवनिर्मित कार्यालय की सुरक्षा दीवार को दोबारा जल्द निर्माण करने की मांग की गई है। वहीं, जिला बाढ़ नियंत्रण विभाग ने पुल के पीछे से ही अस्थाई बांध बनाकर बाढ़ के पानी की दिशा बदलने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि फिलहाल तुरंत बाढ़ नियंत्रण नवनिर्मित इमारत को बचाने का हर संभव प्रयास करेगा।
डॉ. राकेश शर्मा, जिला आयुष अधिकारी।
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दरअसल रविवार को सहार खड्ड में आई भयंकर बाढ़ ने जहां राष्ट्रीय राजमार्ग पुल के निर्माण में लगी कंपनियों को पोल खोल दी है। यह वहीं पुल की सुरक्षा दीवार है जिसको बीते वर्ष ही निर्माण किया गया था। जो पहली भारी बारिश के बाद ही बह गई है। जबकि पुल के नजदीक किनारे पर बनी करोड़ की लागत से बने दो सरकारी कार्यालय जिसमें जिला आयुष विभाग का कार्यालय और बिजली विभाग का कार्यालय भी भूमि कटाव के चलते भारी नुकसान पहुंचा है।
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आयुष विभाग के अधिकारियों की माने तो बाढ़ ने केवल आयुष विभाग के कार्यालय के सुरक्षा दीवार को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि बाढ़ का पानी नई इमारत के नींव को खोखला बना चुकी है। गनीमत रही कि अब तक कार्यालय की मुख्य इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आशंका जताई जा रही है कि अगर आज-कल में भारी बाढ़ आती है तो आयुष विभाग की इमारत को भी नुकसान पहुंच सकता है। पिछले महीने ही आयुष विभाग ने लगभग पांच करोड़ की लागत से बनी नवनिर्मित इमारत में कार्यालय को स्थापित किया था। लगभग यही हाल बिजली विभाग की नवनिर्मित कार्यालय का है। इसको भी बाढ़ के बाद हुए भूमि कटाव से काफी नुकसान पहुंचा है। हाल ही में बिजली विभाग की इमारत बनकर तैयार हो गई है, लेकिन अभी तक वहां कार्यालय को स्थापित नहीं किया है। फिलहाल बिजली विभाग का कार्यालय किराये की इमारत से शहर के बीचोंबीच चल रहा है। वहीं, शहरवासियों का कहना है कि जब जिला प्रशासन को पता था कि सहार खड्ड में भयंकर बाढ़ आती है तो इन दफ्तरों का निर्माण किनारे पर क्यों किया गया जो पहली भारी बारिश के बाद भी नुकसान पहुंचा है।
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बाढ़ के बाद कार्यालय की सुरक्षा दीवार को हुए नुकसान को लेकर जिला प्रशासन सहित निदेशक आयुष जम्मू-कश्मीर और बाढ़ नियंत्रण विभाग के संज्ञान में लाया जा चुका है। जहां नवनिर्मित कार्यालय की सुरक्षा दीवार को दोबारा जल्द निर्माण करने की मांग की गई है। वहीं, जिला बाढ़ नियंत्रण विभाग ने पुल के पीछे से ही अस्थाई बांध बनाकर बाढ़ के पानी की दिशा बदलने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि फिलहाल तुरंत बाढ़ नियंत्रण नवनिर्मित इमारत को बचाने का हर संभव प्रयास करेगा।
डॉ. राकेश शर्मा, जिला आयुष अधिकारी।