कठुआ। जन सुविधाओं को बेहतर बनाने में अब तक नाकाम रही कठुआ नगर परिषद को अपने हर दो महीने के कामकाज की रिपोर्ट माननीय न्यायालय के समक्ष पेश करनी होगी। इसकी जानकारी एडवोकेट कीर्ति भूषण महाजन ने दी है।
न्यायालय के आदेश के संबंध में उन्होंने बताया कि शहर में लगातार कचरे के निस्तारण के साथ-साथ मवेशियों के कारण आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए उन्होंने वर्ष 2019 के दौरान न्यायालय के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर गत 16 दिसंबर को न्यायालय ने आदेश देते हुए नगर परिषद को शहर में आम लोगों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने, बंद पड़े नालों की साफ-सफाई का उचित प्रावधान बनाने, सुलभ शौचालयों की व्यवस्था करने, नालों के अंदर से गुजरने वाली पेयजल की पाइप लाइनों को शिफ्ट करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि 3 वर्ष पूर्व नगर परिषद के गठन में जिस प्रकार विपक्ष पूरी तरह खत्म हो चुका था उन्हें मजबूरन एक आम नागरिक होने के नाते इसके खिलाफ न्यायालय की शरण लेनी पड़ी थी। जिस पर न्यायालय ने अपने फैसले में शहर के लोगों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने नगर परिषद को लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार अपने कामकाज में सुधार कर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कहा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह एक बार फिर न्यायालय की शरण में जाएंगे और न्यायालय के आदेश का अनुसरण न करने वालों को सजा दिलाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।