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कूड़े के ढेर से शहर बदहाल, बदबू से बुरा हाल
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नियमित किए जाने के साथ अस्थायी कर्मचारियों को मानदेय देने और अन्य मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को भी जारी रही। साफ-सफाई न होने से शहर के सभी 21 वार्डों और चौक-चौराहों पर कूड़े के ढेर बढ़ने लगे हैं। गंदगी और बदबू के चलते आवागमन में भी परेशानी आ रही हैं।
हड़ताल के छठे दिन अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ जिला प्रधान सोमराज की अगुवाई में सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कहा कि अब वह अपने साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि पक्के होने की आस में दर्जनों सफाई कर्मचारी अब बूढे़ हो चले हैं। इनके भविष्य के प्रति न तो विभाग और न ही सरकार चिन्तित है। ऐसे में उनके पास सिवाय आंदोलन के और कोई रास्ता नहीं है।
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सफाई कर्मचारी अशोक कुमार ने कहा कि दशकों से कठुआ नगर परिषद में दर्जनों सफाई कर्मचारी सिर्फ इस आस में सेवाएं देते आ रहे हैं कि एक दिन सरकार उन्हें पक्का करेगी। लेकिन सरकार ने आंखें बंद की हुई है। इस कारण काम छोड़कर धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। अगर सरकार समस्याओं के प्रति वाकई गंभीर है, तो सफाई कर्मचारियों का हक देना चाहिए।
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हड़ताल के छठे दिन अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ जिला प्रधान सोमराज की अगुवाई में सफाई कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कहा कि अब वह अपने साथ हो रहे सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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उन्होंने कहा कि पक्के होने की आस में दर्जनों सफाई कर्मचारी अब बूढे़ हो चले हैं। इनके भविष्य के प्रति न तो विभाग और न ही सरकार चिन्तित है। ऐसे में उनके पास सिवाय आंदोलन के और कोई रास्ता नहीं है।
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सफाई कर्मचारी अशोक कुमार ने कहा कि दशकों से कठुआ नगर परिषद में दर्जनों सफाई कर्मचारी सिर्फ इस आस में सेवाएं देते आ रहे हैं कि एक दिन सरकार उन्हें पक्का करेगी। लेकिन सरकार ने आंखें बंद की हुई है। इस कारण काम छोड़कर धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। अगर सरकार समस्याओं के प्रति वाकई गंभीर है, तो सफाई कर्मचारियों का हक देना चाहिए।