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पीडब्ल्यूडी के अस्थायी कर्मियों की काम छोड़ हड़ताल 30वें दिन भी जारी
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कठुआ। नियमितीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर लोक निर्माण विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की हड़ताल 30वें दिन भी जारी रही। लगातार एक माह से जारी हड़ताल के बावजूद सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों की सुध न लिए जाने पर रोष बढ़ता जा रहा है। बुधवार को कठुआ स्थित विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार के रवैये के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के राहुल कुमार ने कहा कि दो दशक से लोक निर्माण विभाग में सेवा दे रहे अस्थायी कर्मचारी इस आस में लगातार थोड़े से मानदेय में काम कर रहे थे, कि विभाग एक न एक दिन उनको नियमित कर देगा। लेकिन सरकार उन्हें नियमित करना तो दूर नियमित रूप से मानदेय भी नहीं दे रही है। इससे लगता है कि सरकार उनका हक देने के लिए गंभीर नहीं है।
त्योहारों के इस मौसम में विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की जेब पूरी तरह से खाली है। जब भी इस मसले को लेकर विभाग के अधिकारियों से बात की जाती है, तो उनके पास एक ही जवाब होता है कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। यह समय कब आएगा इसका कोई जवाब नहीं है। गत दिवस भी अस्थायी कर्मचारी अपनी इस समस्या को लेकर पूर्व वन मंत्री चौधरी लाल सिंह के पास गए थे। उन्होंने विभाग के चीफ इंजीनियर से बात की, तो एक बार फिर से समस्या का समाधान जल्द किए जाने का आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि अब इस तरह के भ्रामक आश्वासनों से अस्थायी कर्मचारी तंग आ चुके है।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करते हुए कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के राहुल कुमार ने कहा कि दो दशक से लोक निर्माण विभाग में सेवा दे रहे अस्थायी कर्मचारी इस आस में लगातार थोड़े से मानदेय में काम कर रहे थे, कि विभाग एक न एक दिन उनको नियमित कर देगा। लेकिन सरकार उन्हें नियमित करना तो दूर नियमित रूप से मानदेय भी नहीं दे रही है। इससे लगता है कि सरकार उनका हक देने के लिए गंभीर नहीं है।
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त्योहारों के इस मौसम में विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की जेब पूरी तरह से खाली है। जब भी इस मसले को लेकर विभाग के अधिकारियों से बात की जाती है, तो उनके पास एक ही जवाब होता है कि जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। यह समय कब आएगा इसका कोई जवाब नहीं है। गत दिवस भी अस्थायी कर्मचारी अपनी इस समस्या को लेकर पूर्व वन मंत्री चौधरी लाल सिंह के पास गए थे। उन्होंने विभाग के चीफ इंजीनियर से बात की, तो एक बार फिर से समस्या का समाधान जल्द किए जाने का आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि अब इस तरह के भ्रामक आश्वासनों से अस्थायी कर्मचारी तंग आ चुके है।
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