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Kathua News: विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा के लिए शिक्षकों ने बनाई रणनीति
Fri, 27 Jun 2025 01:21 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:21 AM IST
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शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर मौजूद शिक्षक। स्रोत : विज्ञप्ति
कठुआ। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) बसोहली के सभागार में चल रही गणित शिक्षकों के शैक्षणिक प्रशिक्षण का वीरवार को समापन हो गए।
तीन दिनों से जारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छह जोनों के 50 से अधिक गणित शिक्षकों ने हिस्सा लिया। जिनको संसाधन व्यक्तियों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से शिक्षकों का व्यावहारिक उदाहरणों से शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पहले दिन के विषयों को पुनर्कथन से हुई। जिसमें व्याख्याता जगबीर सिंह और संतुष्ठा डोगरा ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षण, टीएलएम और मैनिपुलेटिव्स के उपयोग पर प्रमुख अवधारणाओं पर फिर से विचार किया गया।
उन्होंने प्रतिभागियों के बीच उत्साह बढ़ाने और समूह तालमेल को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की गतिविधियों को तैयार किया था। वहीं, आखिर दिन का पहला तकनीकी सत्र शिक्षक विशाल आनंद की ओर संचालित किया गए। जिसमें संसाधन व्यक्ति ने गणित में परियोजना-आधारित शिक्षण (पीबीएल) पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि वास्तविक दुनिया की समस्या-समाधान, पूछताछ-आधारित शिक्षण और गणित शिक्षा में छात्र स्वायत्तता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को नमूना परियोजना विचारों से परिचित कराया गया और उनकी कक्षाओं के लिए पीबीएल मॉड्यूल डिजाइन करने में उनका मार्गदर्शन किया।
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दूसरा तकनीकी सत्र वरिष्ठ व्याख्याता विकास मलपोत्रा की ओर से लिया गया। जिसमें उन्होंने गणित में रचनात्मक मूल्यांकन रणनीतियां शामिल की गई। वरिष्ठ व्याख्याता दलीप कुमार के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान सीखी रणनीतियों और दृष्टिकोण को लागू करने के लिए कार्य योजनाएं बनाई गई। इसमें प्रमुख गतिविधियों सहित उनकी समय सीमाओं और आवश्यक रूपरेखा तैयार कर साझा जवाबदेही तय की गई।
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तीन दिनों से जारी इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में छह जोनों के 50 से अधिक गणित शिक्षकों ने हिस्सा लिया। जिनको संसाधन व्यक्तियों ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से शिक्षकों का व्यावहारिक उदाहरणों से शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पहले दिन के विषयों को पुनर्कथन से हुई। जिसमें व्याख्याता जगबीर सिंह और संतुष्ठा डोगरा ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अनुभवात्मक शिक्षण, टीएलएम और मैनिपुलेटिव्स के उपयोग पर प्रमुख अवधारणाओं पर फिर से विचार किया गया।
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उन्होंने प्रतिभागियों के बीच उत्साह बढ़ाने और समूह तालमेल को बढ़ावा देने के लिए इस तरह की गतिविधियों को तैयार किया था। वहीं, आखिर दिन का पहला तकनीकी सत्र शिक्षक विशाल आनंद की ओर संचालित किया गए। जिसमें संसाधन व्यक्ति ने गणित में परियोजना-आधारित शिक्षण (पीबीएल) पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि वास्तविक दुनिया की समस्या-समाधान, पूछताछ-आधारित शिक्षण और गणित शिक्षा में छात्र स्वायत्तता के महत्व पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों को नमूना परियोजना विचारों से परिचित कराया गया और उनकी कक्षाओं के लिए पीबीएल मॉड्यूल डिजाइन करने में उनका मार्गदर्शन किया।
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दूसरा तकनीकी सत्र वरिष्ठ व्याख्याता विकास मलपोत्रा की ओर से लिया गया। जिसमें उन्होंने गणित में रचनात्मक मूल्यांकन रणनीतियां शामिल की गई। वरिष्ठ व्याख्याता दलीप कुमार के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के दौरान सीखी रणनीतियों और दृष्टिकोण को लागू करने के लिए कार्य योजनाएं बनाई गई। इसमें प्रमुख गतिविधियों सहित उनकी समय सीमाओं और आवश्यक रूपरेखा तैयार कर साझा जवाबदेही तय की गई।