{"_id":"5fea290a8ebc3e410f760ea1","slug":"snow-fall-kathua-news-jmu225723368","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की मोटी चादर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहाड़ों ने ओढ़ी बर्फ की मोटी चादर
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जिला में मौसम का मिजाज सोमवार को दूसरे भी बिगड़ा रहा। रविवार शाम छह बजे से लगातार जारी बारिश के बीच जहां दूरदराज पहाड़ों पर बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो गया, वहीं सोमवार को दिनभर पहाड़ों पर बर्फबारी जारी रही। बनी कसबे में सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। बनी और मल्हार के कई इलाकों में चार फुट तक हिमपात हुआ है। ढग्गर के पहाड़ों पर तीन से चार फीट तक बर्फ जमा हो गई है, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तीन फुट तक बर्फ जम गई है। डुग्गन, भंडार, डंडी गुट्टू, रौलका, दौलका, छत्रगलां, सरथल, खुडवा, कमलोगलां, मधोता, दौले माता, जोडेयां माता, कोटी चंडियार, दुलंगल, टिटवा, लोआंग में एक से तीन फुट तक बर्फबारी हुई है।
बिलावर के उच्च पवर्तीय इलाकों लोहाई, मल्हार, डुगैनी में दो से तीन फुट बर्फ जमी है। मछेड़ी, नानगला में भी सफेद चादर बिछ गई है। उधर, बसोहली के नगाली में भी बर्फ के फाहे गिरे हैं। बिलावर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सुकराला माता मंदिर से मात्र कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर बर्फबारी का सिलसिला रविवार रात और सोमवार सुबह को जारी रहा। पहाड़ी इलाकों में लोगों ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए खाने पीने के सामान की पहले से ही स्टाकिंग शुरू कर दी थी। उधर, प्रशासन ने भी अपने तौर पर इंतजाम सुनिश्चित कर लिए हैं।
हिमपात के चलते कई लिंक मार्ग बंद
एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने बताया कि बनी कसबे में रात से ही हिमपात जारी है। बनी-भद्रवाह मार्ग जहां पहले से ही बंद है, वहीं बनी-ढग्गर, बनी-रौलका सहित अन्य लिंक मार्ग भी बर्फबारी के बाद ठप हो गए हैं। बताया कि बनी-बसोहली मार्ग को दोपहर तक यातायात के लिए खोल दिया गया है लेकिन फिसलन होने के चलते लोगों को हिदायत दी गई है कि अत्यधिक जरूरी होने पर ही आवागमन करें। बताया कि पहाड़ी इलाकों में राशन की सप्लाई से लेकर मिट्टी का तेल और घरेलू गैस की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। किसी भी तरह के जान माल की सूचना नहीं है हालांकि टीमों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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बारिश से शीतलहर की चपेट में मैदानी इलाके
वर्ष 2020 के आखिरी सप्ताह में पहाड़ी इलाकों में अच्छा हिमपात दर्ज हुआ है। मैदानी इलाकों में देर रात तक जारी बारिश से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। ठिठुरन बढ़ने के साथ ही बाजारों ने गरम कपड़ों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। कठुआ, हीरानगर, बसोहली, महानपुर और बिलावर में मूसलाधार बारिश रविवार रात भर जारी रही। बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
24 घंटे में बरसा 12 एमएम पानी
मैदानी इलाकों में पिछले चौबीस घंटे में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने कहा कि मंगलवार से अगले सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना है। लेकिन कड़ाके की सर्दी का दौर फिलहाल जारी रहेगा। सोमवार को कठुआ में दिन का अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बनी कसबे में ही दोपहर तीन बजे तक तापमान शून्य डिग्री से भी कम रहा।
बनी कस्बे में गिरे बर्फ के फाहे
रविवार रात बारह बजे के बाद बनी कसबे में भी बर्फ के फाहे गिरना शुरू हो गए। बनी कसबे में सीजन की यह पहली बर्फबारी है, जिसे लेकर क्षेत्र के लोग खासे उत्साहित दिखे। बर्फबारी को क्षेत्र में होने वाली फसलों के लिए खाद माना जाता है। ऐसे में बनी के किसान भी खुश हैं। किसान मानते हैं बर्फबारी से पहाड़ी इलाकों जमीन की उर्वरता में इजाफा होता है चूंकि इसके बाद जमीन कई महीनों तक नम रहती है। लिहाजा फसल भी अच्छी होती है। कसबे में बर्फबारी का सिलसिला बारिश के बीच सोमवार दोपहर तक जारी रहा जिससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ी हैं। सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। बच्चे दिनभर बर्फ के साथ अठखेलियां करते नजर आए। शाम तक बनी में चार से पांच इंच तक बर्फ की परत जम चुकी थी।
खराब मौसम से बिजली ढांचे को व्यापक नुकसान
रविवार शाम से जारी बारिश और बर्फबारी के बीच बिजली ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। लाइन में फाल्ट आने की वजह से बनी के सैकड़ों गांव में बिजली प्रभावित रही। सब डिवीजन के 300 ट्रांसफार्मरों में से वर्तमान में 50 के लगभग ही ट्रांसफार्मरों पर बिजली बहाल हो सकी। सोमवार शाम छह बजे तक बिजली विभाग की टीम ने कसबे में बिजली को बहाल कर दिया था। विभाग के जूनियर इंजीनियर भारत भूषण ने बताया कि फिलहाल डुग्गन और भंडार फीडर बंद है। डुग्गन फीडर के लिए जा रही लाइन में बाडी के नजदीक कई खंभे बर्फबारी के चलते गिर गए हैं। ऐसे में मौसम खुलने पर बिजली बहाली का काम शुरू होगा। बताया कि कई इलाकों में कंडक्टर टूटने और खंभे गिरने की जानकारी आ रही है, जो लाइन पेट्रोलिंग के बाद ही पता चल पाएगी।
सरथल में फंसे पर्यटकों के दल को पुलिस ने निकाला
रविवार शाम से बर्फबारी के चलते लोआंग और सरथल के बीच फंसे पांच पर्यटकों और पांच श्रमिकों को पुलिस ने रेस्क्यू किया है। लोआंग और सरथल के बीच हुई भारी बर्फबारी के चलते यह लोग फंस गए थे। हिमस्खलन के चलते मार्ग अवरूद्ध हो गया था। बनी थाना प्रभारी राहुल महाजन ने बताया कि कठुआ से पांच पर्यटकों का एक दल एक दिन पहले ही सरथल पहुंचा था, लेकिन सोमवार को जानकारी मिली की भारी बर्फबारी के चलते वो वहीं फंस गए हैं। इसके बाद लोआंग से पुलिस टीम को रवाना किया गया। सरथल और लोआंग के बीच तीन फुट तक हुई बर्फबारी से पैदल और फिर वाहन में दस लोगों को लोआंग तक पहुंचाया गया है, जहां उनके ठहरने के इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। पर्यटकों का वाहन फिलहाल सरथल में ही फंसा है। बताया कि रेस्क्यू किए गए श्रमिक बनी के ही हैं, जो सामान समेटने के लिए सरथल गए थे और फंस गए थे।
बर्फ पर कई किलोमीटर चलकर परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी
विंटर जोन में 11वीं की परीक्षाओं का दौर सोमवार को भी चला। भारी बर्फबारी के बीच बर्फ से लकदक इलाकों में पैदल सफर कर आठ सौ से अधिक विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे। सबसे अधिक दिक्कत रौल्का, दुलंगल, टप्पर, भंडार के परीक्षा केंद्रों में सामने आई। चार फुट तक बर्फबारी दर्ज करने वाले गुट्ट से भी परीक्षार्थियों का दल सुबह और दोपहर बाद बर्फ से भरे मार्ग पर चलकर रौलका में परीक्षा देने पहुंचा। प्रभारी जोनल शिक्षा अधिकारी हाफिज शेख ने बताया कि अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थी पहुंच चुके थे। दूरदराज इलाकों में मौसम को भांपते हुए विद्यार्थी, घरों से ही समय पर निकले। अधिकतर विद्यार्थी परीक्षा देने में सफल रहे हैं।
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बिलावर के उच्च पवर्तीय इलाकों लोहाई, मल्हार, डुगैनी में दो से तीन फुट बर्फ जमी है। मछेड़ी, नानगला में भी सफेद चादर बिछ गई है। उधर, बसोहली के नगाली में भी बर्फ के फाहे गिरे हैं। बिलावर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल सुकराला माता मंदिर से मात्र कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर बर्फबारी का सिलसिला रविवार रात और सोमवार सुबह को जारी रहा। पहाड़ी इलाकों में लोगों ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए खाने पीने के सामान की पहले से ही स्टाकिंग शुरू कर दी थी। उधर, प्रशासन ने भी अपने तौर पर इंतजाम सुनिश्चित कर लिए हैं।
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हिमपात के चलते कई लिंक मार्ग बंद
एसडीएम बनी जोगिंद्र सिंह जसरोटिया ने बताया कि बनी कसबे में रात से ही हिमपात जारी है। बनी-भद्रवाह मार्ग जहां पहले से ही बंद है, वहीं बनी-ढग्गर, बनी-रौलका सहित अन्य लिंक मार्ग भी बर्फबारी के बाद ठप हो गए हैं। बताया कि बनी-बसोहली मार्ग को दोपहर तक यातायात के लिए खोल दिया गया है लेकिन फिसलन होने के चलते लोगों को हिदायत दी गई है कि अत्यधिक जरूरी होने पर ही आवागमन करें। बताया कि पहाड़ी इलाकों में राशन की सप्लाई से लेकर मिट्टी का तेल और घरेलू गैस की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। किसी भी तरह के जान माल की सूचना नहीं है हालांकि टीमों को स्थिति पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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बारिश से शीतलहर की चपेट में मैदानी इलाके
वर्ष 2020 के आखिरी सप्ताह में पहाड़ी इलाकों में अच्छा हिमपात दर्ज हुआ है। मैदानी इलाकों में देर रात तक जारी बारिश से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है। ठिठुरन बढ़ने के साथ ही बाजारों ने गरम कपड़ों की बिक्री ने जोर पकड़ लिया है। कठुआ, हीरानगर, बसोहली, महानपुर और बिलावर में मूसलाधार बारिश रविवार रात भर जारी रही। बारिश ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
24 घंटे में बरसा 12 एमएम पानी
मैदानी इलाकों में पिछले चौबीस घंटे में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विशाल महाजन ने कहा कि मंगलवार से अगले सप्ताह तक मौसम साफ रहने की संभावना है। लेकिन कड़ाके की सर्दी का दौर फिलहाल जारी रहेगा। सोमवार को कठुआ में दिन का अधिकतम तापमान 14.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। बनी कसबे में ही दोपहर तीन बजे तक तापमान शून्य डिग्री से भी कम रहा।
बनी कस्बे में गिरे बर्फ के फाहे
रविवार रात बारह बजे के बाद बनी कसबे में भी बर्फ के फाहे गिरना शुरू हो गए। बनी कसबे में सीजन की यह पहली बर्फबारी है, जिसे लेकर क्षेत्र के लोग खासे उत्साहित दिखे। बर्फबारी को क्षेत्र में होने वाली फसलों के लिए खाद माना जाता है। ऐसे में बनी के किसान भी खुश हैं। किसान मानते हैं बर्फबारी से पहाड़ी इलाकों जमीन की उर्वरता में इजाफा होता है चूंकि इसके बाद जमीन कई महीनों तक नम रहती है। लिहाजा फसल भी अच्छी होती है। कसबे में बर्फबारी का सिलसिला बारिश के बीच सोमवार दोपहर तक जारी रहा जिससे लोगों की दुश्वारियां भी बढ़ी हैं। सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है। बच्चे दिनभर बर्फ के साथ अठखेलियां करते नजर आए। शाम तक बनी में चार से पांच इंच तक बर्फ की परत जम चुकी थी।
खराब मौसम से बिजली ढांचे को व्यापक नुकसान
रविवार शाम से जारी बारिश और बर्फबारी के बीच बिजली ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है। लाइन में फाल्ट आने की वजह से बनी के सैकड़ों गांव में बिजली प्रभावित रही। सब डिवीजन के 300 ट्रांसफार्मरों में से वर्तमान में 50 के लगभग ही ट्रांसफार्मरों पर बिजली बहाल हो सकी। सोमवार शाम छह बजे तक बिजली विभाग की टीम ने कसबे में बिजली को बहाल कर दिया था। विभाग के जूनियर इंजीनियर भारत भूषण ने बताया कि फिलहाल डुग्गन और भंडार फीडर बंद है। डुग्गन फीडर के लिए जा रही लाइन में बाडी के नजदीक कई खंभे बर्फबारी के चलते गिर गए हैं। ऐसे में मौसम खुलने पर बिजली बहाली का काम शुरू होगा। बताया कि कई इलाकों में कंडक्टर टूटने और खंभे गिरने की जानकारी आ रही है, जो लाइन पेट्रोलिंग के बाद ही पता चल पाएगी।
सरथल में फंसे पर्यटकों के दल को पुलिस ने निकाला
रविवार शाम से बर्फबारी के चलते लोआंग और सरथल के बीच फंसे पांच पर्यटकों और पांच श्रमिकों को पुलिस ने रेस्क्यू किया है। लोआंग और सरथल के बीच हुई भारी बर्फबारी के चलते यह लोग फंस गए थे। हिमस्खलन के चलते मार्ग अवरूद्ध हो गया था। बनी थाना प्रभारी राहुल महाजन ने बताया कि कठुआ से पांच पर्यटकों का एक दल एक दिन पहले ही सरथल पहुंचा था, लेकिन सोमवार को जानकारी मिली की भारी बर्फबारी के चलते वो वहीं फंस गए हैं। इसके बाद लोआंग से पुलिस टीम को रवाना किया गया। सरथल और लोआंग के बीच तीन फुट तक हुई बर्फबारी से पैदल और फिर वाहन में दस लोगों को लोआंग तक पहुंचाया गया है, जहां उनके ठहरने के इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। पर्यटकों का वाहन फिलहाल सरथल में ही फंसा है। बताया कि रेस्क्यू किए गए श्रमिक बनी के ही हैं, जो सामान समेटने के लिए सरथल गए थे और फंस गए थे।
बर्फ पर कई किलोमीटर चलकर परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थी
विंटर जोन में 11वीं की परीक्षाओं का दौर सोमवार को भी चला। भारी बर्फबारी के बीच बर्फ से लकदक इलाकों में पैदल सफर कर आठ सौ से अधिक विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे। सबसे अधिक दिक्कत रौल्का, दुलंगल, टप्पर, भंडार के परीक्षा केंद्रों में सामने आई। चार फुट तक बर्फबारी दर्ज करने वाले गुट्ट से भी परीक्षार्थियों का दल सुबह और दोपहर बाद बर्फ से भरे मार्ग पर चलकर रौलका में परीक्षा देने पहुंचा। प्रभारी जोनल शिक्षा अधिकारी हाफिज शेख ने बताया कि अधिकतर परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थी पहुंच चुके थे। दूरदराज इलाकों में मौसम को भांपते हुए विद्यार्थी, घरों से ही समय पर निकले। अधिकतर विद्यार्थी परीक्षा देने में सफल रहे हैं।