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Kathua News: शहर में फिर लगना शुरू हुए स्मार्ट मीटर, लोगों ने किया विरोध
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- 23 हजार मीटर लगाने की प्रक्रिया आरंभ, पहले ट्रायल के तौर पर लगे थे सौ
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में ट्रायल के तौर पर बिजली के सौ स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अब दस हजार और मीटर कठुआ के लिए आबंटित हो गए हैं। इन्हें लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। लोग इसका विरोध कर रहे हैं। कठुआ शहर में ही 23 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
आबादी वाले इलाकों से पहले सरकारी आवासों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। यह काम अगले एक वर्ष में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि विगत अक्तूबर माह में नवरात्र के साथ टीका पूजन कर शहर में स्मार्ट मीटर परियोजना शुरू की गई थी। ट्रायल में सौ मीटर लगे। अब इस अभियान को व्यापक स्तर पर शुरू कर दिया गया है। सेंट्रल स्टोर से शहर के लिए पहले चरण में दस हजार स्मार्ट मीटर पहुंच चुके हैं। इन्हें लगाने का काम किया जा रहा है। कठुआ में जीनस कंपनी को यह परियोजना हासिल हुई है। जिले में 1.40 लाख स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि इससे जिले में 65 फीसदी तक बिजली चोरी पर लगाम लग जाएगी।
जीनस कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि कठुआ शहर में 23 हजार मीटर नगर परिषद की हद में लगेंगे। वहीं, कठुआ सब डिवीजन में 52 हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर हासिल होंगे। इसके अलावा हीरानगर में 34 हजार, बसोहली और बनी में 19 हजार, बिलावर में 16.5 हजार और रामकोट में 15 हजार उपभोक्तों को स्मार्ट मीटर लगाकर दिए जाएंगे। विभाग के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत तक ट्रांसमिशन और वितरण लॉसेज है। यह सीधे तौर पर ढांचों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली बिजली में होने वाला विभाग का नुकसान है। विभाग ने इस साल उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी बढ़ा दिए हैं।
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बिजली चोरी करने पर एफआईआर दर्ज करने की दी चेतावनी
जीनस कंपनी की ओर से शहर के वार्ड नंबर एक और दो में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ तो महिलाओं ने विरोध जताना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। साथ ही दो टूक चेतावनी भी दी कि स्मार्ट मीटर के बिना चलने वाले कनेक्शनों को अवैध माना जाएगा और बिजली चोरी पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
एईई सुनील शर्मा ने बताया कि बहुत से लोग यहां स्मार्ट मीटर लगाने पर खुश नहीं हैं। जबकि स्मार्ट मीटर लगने से पारदर्शिता आएगी। मीटर रीडर का रोल खत्म हो जाएगा। उपभोक्ता की ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग विभाग को मिल जाएगी। जो लोग विरोध कर रहे हैं और स्मार्ट मीटर नहीं लगवा रहे वो बिजली का अवैध इस्तेमाल करते पाए गए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बताया कि शहर में 15 लोगों की टीम हाउसिंग कॉलोनी और के 3 फीडर पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर चुकी है। आने वाले दिनों में कंपनी की ओर से 15 और लोगों को इस काम में लगाया जाएगा। सौ फीसदी मीटरिंग वाले फीडरों पर कम से कम बिजली कटौती सुनिश्चित की जाएगी। बताया कि शहर में बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो कार्यालय में आकर स्मार्ट मीटर लगाने की अर्जी दे रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर में ट्रायल के तौर पर बिजली के सौ स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अब दस हजार और मीटर कठुआ के लिए आबंटित हो गए हैं। इन्हें लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। लोग इसका विरोध कर रहे हैं। कठुआ शहर में ही 23 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
आबादी वाले इलाकों से पहले सरकारी आवासों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। यह काम अगले एक वर्ष में पूरा करने का दावा किया जा रहा है। बता दें कि विगत अक्तूबर माह में नवरात्र के साथ टीका पूजन कर शहर में स्मार्ट मीटर परियोजना शुरू की गई थी। ट्रायल में सौ मीटर लगे। अब इस अभियान को व्यापक स्तर पर शुरू कर दिया गया है। सेंट्रल स्टोर से शहर के लिए पहले चरण में दस हजार स्मार्ट मीटर पहुंच चुके हैं। इन्हें लगाने का काम किया जा रहा है। कठुआ में जीनस कंपनी को यह परियोजना हासिल हुई है। जिले में 1.40 लाख स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाएंगे। अधिकारियों का दावा है कि इससे जिले में 65 फीसदी तक बिजली चोरी पर लगाम लग जाएगी।
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जीनस कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि कठुआ शहर में 23 हजार मीटर नगर परिषद की हद में लगेंगे। वहीं, कठुआ सब डिवीजन में 52 हजार उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर हासिल होंगे। इसके अलावा हीरानगर में 34 हजार, बसोहली और बनी में 19 हजार, बिलावर में 16.5 हजार और रामकोट में 15 हजार उपभोक्तों को स्मार्ट मीटर लगाकर दिए जाएंगे। विभाग के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत तक ट्रांसमिशन और वितरण लॉसेज है। यह सीधे तौर पर ढांचों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली बिजली में होने वाला विभाग का नुकसान है। विभाग ने इस साल उपभोक्ताओं के बिजली बिल भी बढ़ा दिए हैं।
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बिजली चोरी करने पर एफआईआर दर्ज करने की दी चेतावनी
जीनस कंपनी की ओर से शहर के वार्ड नंबर एक और दो में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ तो महिलाओं ने विरोध जताना शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। साथ ही दो टूक चेतावनी भी दी कि स्मार्ट मीटर के बिना चलने वाले कनेक्शनों को अवैध माना जाएगा और बिजली चोरी पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी।
एईई सुनील शर्मा ने बताया कि बहुत से लोग यहां स्मार्ट मीटर लगाने पर खुश नहीं हैं। जबकि स्मार्ट मीटर लगने से पारदर्शिता आएगी। मीटर रीडर का रोल खत्म हो जाएगा। उपभोक्ता की ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग विभाग को मिल जाएगी। जो लोग विरोध कर रहे हैं और स्मार्ट मीटर नहीं लगवा रहे वो बिजली का अवैध इस्तेमाल करते पाए गए तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। बताया कि शहर में 15 लोगों की टीम हाउसिंग कॉलोनी और के 3 फीडर पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर चुकी है। आने वाले दिनों में कंपनी की ओर से 15 और लोगों को इस काम में लगाया जाएगा। सौ फीसदी मीटरिंग वाले फीडरों पर कम से कम बिजली कटौती सुनिश्चित की जाएगी। बताया कि शहर में बहुत से ऐसे लोग भी हैं जो कार्यालय में आकर स्मार्ट मीटर लगाने की अर्जी दे रहे हैं।
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