{"_id":"60e897f68ebc3ea012606d02","slug":"road-accident-kathua-news-jmu2391142126","type":"story","status":"publish","title_hn":"टिप्परों की तेज रफ्तार से सता रहा हादसे का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टिप्परों की तेज रफ्तार से सता रहा हादसे का डर
विज्ञापन
हीरानगर। चड़वाल से कोटपुन्नू सड़क पर टिप्परों की आवाजाही का समय तय करने की मांग फिर से उठने लगी है।
कुछ महीने पहले दिन में तेज रफ्तार में चलने वाले टिप्परों की आवाजाही बंद करने की मांग की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक इनकी आवाजाही का समय तय किया। लेकिन, अब फिर से इस मार्ग पर दिन में भी तेज रफ्तार में टिप्पर दौड़ना शुरू हो गए हैं।
कोटपुन्नू के सरपंच विनय शर्मा ने कहा कि इस रोड पर चलने वाले टिप्पर नियमों को ताक पर रखकर तेज रफ्तार में चलते हैं। जिससे हर वक्त हादसा होने का डर बना रहता है। पहले भी इनकी तेज रफ्तार के कारण इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं, और कई लोग जान भी गंवा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अब फिर से इन्होंने दिन में चलना शुरू कर दिया है। इनका तेज रफ्तार में चलना किसी के लिए खतरे से खाली नहीं है। बेहतर होगा कि इस रूट पर इनकी आवाजाही के लिए फिर से समय तय किया जाए। सरपंच राकेश चौधरी ने भी मांग की कि इनकी आवाजाही के लिए रात का समय तय किया जाए। ताकि, दिन में इनकी तेज रफ्तार के कारण कोई बड़ा हादसा होने की आशंका न रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुछ महीने पहले दिन में तेज रफ्तार में चलने वाले टिप्परों की आवाजाही बंद करने की मांग की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक इनकी आवाजाही का समय तय किया। लेकिन, अब फिर से इस मार्ग पर दिन में भी तेज रफ्तार में टिप्पर दौड़ना शुरू हो गए हैं।
कोटपुन्नू के सरपंच विनय शर्मा ने कहा कि इस रोड पर चलने वाले टिप्पर नियमों को ताक पर रखकर तेज रफ्तार में चलते हैं। जिससे हर वक्त हादसा होने का डर बना रहता है। पहले भी इनकी तेज रफ्तार के कारण इस मार्ग पर कई हादसे हो चुके हैं, और कई लोग जान भी गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अब फिर से इन्होंने दिन में चलना शुरू कर दिया है। इनका तेज रफ्तार में चलना किसी के लिए खतरे से खाली नहीं है। बेहतर होगा कि इस रूट पर इनकी आवाजाही के लिए फिर से समय तय किया जाए। सरपंच राकेश चौधरी ने भी मांग की कि इनकी आवाजाही के लिए रात का समय तय किया जाए। ताकि, दिन में इनकी तेज रफ्तार के कारण कोई बड़ा हादसा होने की आशंका न रहे।
विज्ञापन