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Kathua News: पुनर्वास राशि वितरण न होने से रोष, जमीनों का मालिकाना हक भी नहीं मिला
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वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी की बैठक में उठीं पुनर्वास और भूमि अधिकारों की मांगें
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के ड्रीमलैंड पार्क में वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। कमेटी के तहसील प्रधान देस राज की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बुधवार को आयोजित बैठक में पश्चिम पाकिस्तान से शरणार्थी के रूप में आए लोगों ने केंद्र सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए दी जाने वाली राशि के वितरण कार्य पूरा न होने पर रोष जताया, इसके साथ ही उन्हें जमीनों के मालिकाना हक दिए जाने की प्रक्रिया भी शुरू करवाने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए लब्बा राम गांधी ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम पाकिस्तान शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए घोषित राहत राशि के वितरण प्रक्रिया जिले में 90 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है। अब सेटलमेंट अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि जो चंद एक साथी इस लाभ से वंचित है उनकी भी दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का निदान कर लाभ दिलवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जल्द ही पश्चिम पाकिस्तान शरणार्थियों को भूमि के मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रशासन के साथ बैठक की जाएगी। जिसमें अलग-अलग गांव में विशेष शिविर का आयोजन कर इस प्रक्रिया को पूरा करने में आ रही बाधाओं को देर करने की मांग की जाएगी। क्योंकि भूमि स्वामित्व मिलने से शरणार्थी परिवारों को स्थायी आश्रय बनाने और सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने में सहायता मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि भले ही शरणार्थियों को सरकार से मिलने वाली सहायता की गति कम है लेकिन हमें अपने धैर्य को बनाए रखने की जरूरत है। अगर 70 साल के लंबे इंतजार के बाद उनकी मुख्य मांग पूरी हो चुकी है। तो अन्य मांगों को पूरा होने में वक्त भले ही लग सकता है उनके अधिकार उनसे कोई नही छीन सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के ड्रीमलैंड पार्क में वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी की मासिक बैठक का आयोजन किया गया। कमेटी के तहसील प्रधान देस राज की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बुधवार को आयोजित बैठक में पश्चिम पाकिस्तान से शरणार्थी के रूप में आए लोगों ने केंद्र सरकार द्वारा उनके पुनर्वास के लिए दी जाने वाली राशि के वितरण कार्य पूरा न होने पर रोष जताया, इसके साथ ही उन्हें जमीनों के मालिकाना हक दिए जाने की प्रक्रिया भी शुरू करवाने की मांग की।
बैठक को संबोधित करते हुए लब्बा राम गांधी ने उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम पाकिस्तान शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए घोषित राहत राशि के वितरण प्रक्रिया जिले में 90 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी है। अब सेटलमेंट अवधि को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि जो चंद एक साथी इस लाभ से वंचित है उनकी भी दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का निदान कर लाभ दिलवाया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि जल्द ही पश्चिम पाकिस्तान शरणार्थियों को भूमि के मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रशासन के साथ बैठक की जाएगी। जिसमें अलग-अलग गांव में विशेष शिविर का आयोजन कर इस प्रक्रिया को पूरा करने में आ रही बाधाओं को देर करने की मांग की जाएगी। क्योंकि भूमि स्वामित्व मिलने से शरणार्थी परिवारों को स्थायी आश्रय बनाने और सम्मानपूर्वक जीवन यापन करने में सहायता मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि भले ही शरणार्थियों को सरकार से मिलने वाली सहायता की गति कम है लेकिन हमें अपने धैर्य को बनाए रखने की जरूरत है। अगर 70 साल के लंबे इंतजार के बाद उनकी मुख्य मांग पूरी हो चुकी है। तो अन्य मांगों को पूरा होने में वक्त भले ही लग सकता है उनके अधिकार उनसे कोई नही छीन सकता है।