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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   Ramlila staged in the context of Kewat - Rama

रामलीला में केवट-राम के प्रसंग का मंचन

Wed, 01 Oct 2014 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ Updated Wed, 01 Oct 2014 02:03 AM IST
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Ramlila staged in the context of Kewat - Rama

रामलीला के दौरान मंगलवार को केवट और श्रीराम के प्रसंग का मंचन किया गया। केवट के सवालों का श्रीराम ने बखूबी जवाब दिया। केवट ने राम को सरयू नदी पार करवाई। केवट द्वारा श्रीराम की नैया पार कराने के दृश्य को देखकर दर्शक भावमुग्ध हो गए।

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पहले दृश्य में पिता के वचन को पूरा करने के लिए भगवान राम जब वनवास जाने के लिए भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ निकलते हैं तो उन्हें सरयू नदी पार करनी पड़ती है। तीन अनजान लोगों को जंगल में आते देख केवट के मछुआरे साथी पहले तो प्रभु राम से सवाल करते हैं।
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परिचय मिलने के बाद वह सबसे पहले प्रभु के चरणों में दंडवत प्रमाण करते हैं। इसके बाद वह केवट को राम के आने की सूचना देते हैं। अपने प्रभु के आने की सूचना मिलते ही केवट नंगे पांव प्रभु के पास जाते हैं। इस दौरान राम और केवट संवाद ने दर्शकों का खूब ध्यान खींचा।

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जब भगवान श्रीराम लक्ष्मण और सीता सहित सरयू नदी के किनारे पहुंचे तो नदी पार करने के लिए उन्होंने केवट को बुलाया, लेकिन कोई भी उन्हें अपनी नाव में बैठाने के लिए तैयार नहीं था। जब भगवान ने इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया की जब आप के चरण छूने से पत्थर स्त्री बन सकता है तो हमारी नाव में बैठने से वह भी स्त्री बन जाएगी। तब हम लोग अपना गुजारा कैसे चलाएं।

इस पर भगवान ने अपने पांव पखारने की इजाजत दे दी। बाद में जब केवट ने भगवान को नदी के पार पहुंचा दिया और भगवान मजदूरी देने लगे। इस पर केवट ने यह कहते हुए मना कर दिया कि मैं एक मामूली केवट हूं जो लोगों को नदियां के पार कराता हूं। मगर आप तो दुनिया के तारणहार हैं। जब हम तुम्हारी शरण आएं तो हमें पार लगा देना। इस दौरान भगवान श्रीराम और केवट के गीतों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। बाद राम, लक्ष्मण और सीता आगे की यात्रा के लिए निकलते हैं।


दृश्य को इतनी संजीदगी के साथ प्रस्तुत किया गया कि दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो गए। उधर, महानपुर, माढ़ा-पट्टी, मानू, थें में भी रामलीला देखने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ रहा है। यहां भी राम वनवास और केवट द्वारा सरयू नदी पार करवाने का मंचन किया गया।

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