{"_id":"6705ca1051283aa21e0f34f9","slug":"ram-leela-night-kathua-news-c-201-1-knt1008-113842-2024-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: रामलीला में किया भरत मिलाप का मंचन, लोगों के छलके आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: रामलीला में किया भरत मिलाप का मंचन, लोगों के छलके आंसू
Wed, 09 Oct 2024 05:40 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 09 Oct 2024 05:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान श्री राम ने लगाया भरत को गले, रामलीला प्रांगण को पौधे लगाकर सजाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। नगर में जारी रामलीला में सोमवार की रात को भगवान श्रीराम और भारत मिलाप के दृश्य मंचन किया गया। जब भगवान श्री राम ने अपने भाई भरत को गले से लगाया तो रामलीला देखने पहुंचे लोगों की आंखें छलक उठीं।
चित्रकूट पर भरत मिलाप की लीला का मंचन करने के लिए रामलीला प्रांगण को पौधों और डालियां आदि लगाकर चित्रकूट सा स्वरूप दिया गया। यहां मुनि वेश में भगवान श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण विराजमान होते हैं। इसी दौरान राजगुरु और माताओं के साथ भरत भगवान श्री राम को मनाने के लिए पहुंचते हैं। सबसे पहले उन्होंने पिता दशरथ के निधन की खबर सुनाई। इसके बाद भगवान श्री राम की आंखें नम हो गई। इसके बाद भरत ने भगवान श्री राम से अयोध्या वापस चलने का आग्रह किया जिसे भगवान श्री राम ने अस्वीकार कर दिया। भरत ने कहा कि उनकी राजा बनने की कोई इच्छा नहीं है और हमारे राजा आप ही हो। इसी दौरान तीनों माताओं ने भी भगवान श्री राम से अयोध्या वापस चलने का आग्रह किया लेकिन भगवान श्री राम ने पिता को दिए वचन का हवाला देते हुए अयोध्या वापस जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद भरत ने प्रतिज्ञा ली के जब तक भगवान श्री राम अयोध्या वापस नहीं लौटेंगे तब तक भगवान श्री राम की चरण पादुकाओं को राजगद्दी पर बिठाकर राज्य का संचालन किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण को छोड़कर सभी वापस अयोध्या नगरी की ओर प्रस्थान कर गए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलावर। नगर में जारी रामलीला में सोमवार की रात को भगवान श्रीराम और भारत मिलाप के दृश्य मंचन किया गया। जब भगवान श्री राम ने अपने भाई भरत को गले से लगाया तो रामलीला देखने पहुंचे लोगों की आंखें छलक उठीं।
चित्रकूट पर भरत मिलाप की लीला का मंचन करने के लिए रामलीला प्रांगण को पौधों और डालियां आदि लगाकर चित्रकूट सा स्वरूप दिया गया। यहां मुनि वेश में भगवान श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण विराजमान होते हैं। इसी दौरान राजगुरु और माताओं के साथ भरत भगवान श्री राम को मनाने के लिए पहुंचते हैं। सबसे पहले उन्होंने पिता दशरथ के निधन की खबर सुनाई। इसके बाद भगवान श्री राम की आंखें नम हो गई। इसके बाद भरत ने भगवान श्री राम से अयोध्या वापस चलने का आग्रह किया जिसे भगवान श्री राम ने अस्वीकार कर दिया। भरत ने कहा कि उनकी राजा बनने की कोई इच्छा नहीं है और हमारे राजा आप ही हो। इसी दौरान तीनों माताओं ने भी भगवान श्री राम से अयोध्या वापस चलने का आग्रह किया लेकिन भगवान श्री राम ने पिता को दिए वचन का हवाला देते हुए अयोध्या वापस जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद भरत ने प्रतिज्ञा ली के जब तक भगवान श्री राम अयोध्या वापस नहीं लौटेंगे तब तक भगवान श्री राम की चरण पादुकाओं को राजगद्दी पर बिठाकर राज्य का संचालन किया जाएगा। इसके बाद भगवान श्री राम, माता जानकी और लक्ष्मण को छोड़कर सभी वापस अयोध्या नगरी की ओर प्रस्थान कर गए।
विज्ञापन