{"_id":"67b78a7f97711931680b03bb","slug":"rain-and-snowfall-in-district-kathua-kathua-news-c-201-1-knt1008-117587-2025-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: पहाड़ों पर तीन फुट तक बर्फबारी, मैदान अच्छी बारिश से भीगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: पहाड़ों पर तीन फुट तक बर्फबारी, मैदान अच्छी बारिश से भीगे
विज्ञापन
कठुआ में डीसी दफ्तर के बाहर हुआ जलभराव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- किसानों को राहत, फसलों को मिली संजीवनी
...
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में बर्फबारी और बारिश का मौसम किसानों और बागवानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे असिंचित क्षेत्रों में फसलों को संजीवनी मिली है। बनी सब डिवीजन के साथ साथ लोहाई मल्हार के इलाकों में छह इंच से लेकर तीन फुट तक बर्फबारी तो मैदानी इलाकों में 20 एमएम तक बारिश दर्ज की गई है। मौसम की करवट से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है।
सर्दी के मौसम में पिछले दो महीने से हो रहा अच्छी बारिश का इंतजार आखिरकार वीरवार को पूरा हो गया। सुबह चार बजे से जिले के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। सुबह आठ बजे के बाद बनी सब डिवीजन के दूर दराज इलाकों में बर्फ के फाहे गिरना शुरू हो गए। यह सिलसिला दिनभर रुक-रुक कर जारी रहा। शाम पांच बजे के बाद बर्फबारी ने फिर जोर पकड़ा। देर शाम तक नुकनाली, कैलाश कुंड और छत्रगलां टॉप में जहां तीन फुट तक बर्फ दर्ज की जा चुकी थी वहीं लोहाई मल्हार के डगरी टॉप से लेकर आसपास के उच्च पवर्तीय इलाकों में भी ढाई फुट से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई।
वहीं बसोहली और बनी के इलाकों में लोगों को मौसम के इस बदले रूप ने आग सेंकने को मजबूर कर दिया। कठुआ के मैदानी इलाकों में बीते चौबीस घंटे पारा 12 डिग्री सेल्सियस तक लुढक गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को मौसम खुलने की संभावना है। उधर, जिले में तेज बारिश का वीरवार दोपहर दौर शुरू होने के बाद अधिकांश इलाकों में बिजली सेवा भी प्रभावित हुई है। बिलावर, हीरानगर, कठुआ और बसोहली के इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रही।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ विशाल महाजन ने बताया कि फसल इस समय बारिश न होने से अत्यधिक दबाव में थी ओर समय से पहले पकने की कगार पर आ रही थी। खास तौर पर जिले के असिंचित इलाकों में किसान काफी परेशान थे। बारिश से फसल पर पड़ रहा दबाव काफी हद तक कम होगा लेकिन देरी से बारिश होने के चलते फसल की उपज में आंशिक नुकसान रह सकता है। लेकिन कुल मिलाकर यह बारिश फसल के लिए इस समय संजीवनी है।
विज्ञापन
...
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले में बर्फबारी और बारिश का मौसम किसानों और बागवानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे असिंचित क्षेत्रों में फसलों को संजीवनी मिली है। बनी सब डिवीजन के साथ साथ लोहाई मल्हार के इलाकों में छह इंच से लेकर तीन फुट तक बर्फबारी तो मैदानी इलाकों में 20 एमएम तक बारिश दर्ज की गई है। मौसम की करवट से पूरा जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है।
सर्दी के मौसम में पिछले दो महीने से हो रहा अच्छी बारिश का इंतजार आखिरकार वीरवार को पूरा हो गया। सुबह चार बजे से जिले के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। सुबह आठ बजे के बाद बनी सब डिवीजन के दूर दराज इलाकों में बर्फ के फाहे गिरना शुरू हो गए। यह सिलसिला दिनभर रुक-रुक कर जारी रहा। शाम पांच बजे के बाद बर्फबारी ने फिर जोर पकड़ा। देर शाम तक नुकनाली, कैलाश कुंड और छत्रगलां टॉप में जहां तीन फुट तक बर्फ दर्ज की जा चुकी थी वहीं लोहाई मल्हार के डगरी टॉप से लेकर आसपास के उच्च पवर्तीय इलाकों में भी ढाई फुट से अधिक बर्फबारी दर्ज की गई।
विज्ञापन
वहीं बसोहली और बनी के इलाकों में लोगों को मौसम के इस बदले रूप ने आग सेंकने को मजबूर कर दिया। कठुआ के मैदानी इलाकों में बीते चौबीस घंटे पारा 12 डिग्री सेल्सियस तक लुढक गया। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को मौसम खुलने की संभावना है। उधर, जिले में तेज बारिश का वीरवार दोपहर दौर शुरू होने के बाद अधिकांश इलाकों में बिजली सेवा भी प्रभावित हुई है। बिलावर, हीरानगर, कठुआ और बसोहली के इलाकों में देर रात तक बिजली गुल रही।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ विशाल महाजन ने बताया कि फसल इस समय बारिश न होने से अत्यधिक दबाव में थी ओर समय से पहले पकने की कगार पर आ रही थी। खास तौर पर जिले के असिंचित इलाकों में किसान काफी परेशान थे। बारिश से फसल पर पड़ रहा दबाव काफी हद तक कम होगा लेकिन देरी से बारिश होने के चलते फसल की उपज में आंशिक नुकसान रह सकता है। लेकिन कुल मिलाकर यह बारिश फसल के लिए इस समय संजीवनी है।