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बढ़ती महंगाई के चलते राजद कार्यकर्ताओं ने जलाया प्रधानमंत्री का पुतला
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ढ़ती महंगाई के रोष स्वरूप शहर के पारलीवंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाते राजद कार?
- फोटो : KATHUA
कठुआ। बढ़ती महंगाई को लेकर राजद ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया है। रविवार को शहर के पारलीवंड में जमा हुए कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर रोष जताया।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राजद नेता एसके भंडारी ने कहा कि जब यूपीए की सरकार में महंगाई बढ़ी थी तो भाजपा ने हायतौबा मचाया था। और, अब महंगाई बढ़ी है तो लोग शांति से बैठे हैं। देश में महंगाई चरम पर है। जनता त्रस्त है। लेकिन, सरकार को लोगों की कोई परवाह नहीं। कोरोना के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे लोगों के सामने महंगाई बहुत बड़ी समस्या है।
वहीं, मनोहर लाल भंडारी ने कहा कि महंगाई के इस दौर में सरकार राहत के नाम पर आटा और चावल तो दे रही है, लेकिन उसे खाने के लिए तैयार करने में लगने वाली दालें, खाद्य तेलों और रसोई गैस के दाम आसमान पर हैं। जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। कोरोना के इस दौर में जब लोगों को सरकार से राहत की उम्मीद थी तो सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों को आसमान पर पहुंचा दिया।
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उन्होंने कहा कि इससे साबित हो गया है कि केंद्र सरकार गरीब हितैषी नहीं, बल्कि उनकी विरोधी है। क्योंकि, ऐसी व्यवस्था का खामियाजा सबसे ज्यादा समाज का कमजोर तबका ही भुगत रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं के दामों में कटौती के लिए जल्द कदम उठाए। अन्यथा, उसे आने वाले चुनावों में मतदाता नकार देंगे।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे राजद नेता एसके भंडारी ने कहा कि जब यूपीए की सरकार में महंगाई बढ़ी थी तो भाजपा ने हायतौबा मचाया था। और, अब महंगाई बढ़ी है तो लोग शांति से बैठे हैं। देश में महंगाई चरम पर है। जनता त्रस्त है। लेकिन, सरकार को लोगों की कोई परवाह नहीं। कोरोना के कारण आर्थिक तंगी का सामना कर रहे लोगों के सामने महंगाई बहुत बड़ी समस्या है।
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वहीं, मनोहर लाल भंडारी ने कहा कि महंगाई के इस दौर में सरकार राहत के नाम पर आटा और चावल तो दे रही है, लेकिन उसे खाने के लिए तैयार करने में लगने वाली दालें, खाद्य तेलों और रसोई गैस के दाम आसमान पर हैं। जिस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। कोरोना के इस दौर में जब लोगों को सरकार से राहत की उम्मीद थी तो सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दामों को आसमान पर पहुंचा दिया।
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उन्होंने कहा कि इससे साबित हो गया है कि केंद्र सरकार गरीब हितैषी नहीं, बल्कि उनकी विरोधी है। क्योंकि, ऐसी व्यवस्था का खामियाजा सबसे ज्यादा समाज का कमजोर तबका ही भुगत रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं के दामों में कटौती के लिए जल्द कदम उठाए। अन्यथा, उसे आने वाले चुनावों में मतदाता नकार देंगे।