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पेयजल समस्या का समाधान न होने पर भड़के ग्रामीण
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पिछले 4 वर्षों से पेयजल संकट का सामना कर रहे मलामन गांव के लोगों ने जल शक्ति विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष जताया है। शनिवार को प्रदर्शन के दौरान लोगों ने चेतावनी दी कि अगर दो सप्ताह के भीतर पेयजल समाधान नहीं किया गया, तो मजबूरन कोई कड़ा कदम उठाना पड़ेगा।
प्रदर्शन में शामिल गांव के मेजर सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हो रहे सड़क निर्माण के चलते गांव की सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। लगातार मांग किए जाने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला।
चार साल बीत जाने के बावजूद जब विभाग ने इस ओर पहल नहीं की तो लोगों ने इसके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने की चेतावनी दी। इसके बाद विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू करवाया। लेकिन उसे भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया। करीब डेढ़ सौ परिवारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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जखोल के सरपंच ने कहा कि कई बार जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से मिलकर समस्या का समाधान किए जाने की मांग की, तो गांव में जखोल ट्यूबवेेल की मोटर में खराबी के कारण असमर्थता जताई। इसके बाद कार्यकारी अभियंता से गांव में टैंकर से पानी सप्लाई करने की मांग रखी थी। गांव में टैंकर तो भेजना शुरू किया। लेकिन सप्ताह में एक या दो बार आने वाले टैंकर गांव के लोगों की पेयजल को जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहा है। लोग परेशान हैं।
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प्रदर्शन में शामिल गांव के मेजर सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत हो रहे सड़क निर्माण के चलते गांव की सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त हुई थी। लगातार मांग किए जाने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला।
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चार साल बीत जाने के बावजूद जब विभाग ने इस ओर पहल नहीं की तो लोगों ने इसके खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने की चेतावनी दी। इसके बाद विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू करवाया। लेकिन उसे भी आधा अधूरा छोड़ दिया गया। करीब डेढ़ सौ परिवारों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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जखोल के सरपंच ने कहा कि कई बार जल शक्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता से मिलकर समस्या का समाधान किए जाने की मांग की, तो गांव में जखोल ट्यूबवेेल की मोटर में खराबी के कारण असमर्थता जताई। इसके बाद कार्यकारी अभियंता से गांव में टैंकर से पानी सप्लाई करने की मांग रखी थी। गांव में टैंकर तो भेजना शुरू किया। लेकिन सप्ताह में एक या दो बार आने वाले टैंकर गांव के लोगों की पेयजल को जरूरत को पूरा नहीं कर पा रहा है। लोग परेशान हैं।