कठुआ/बसोहली। नियमित करने की मांग को लेकर बीते नौ दिन से हड़ताल पर डटे लोक निर्माण विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने हड़ताल तीन दिन और बढ़ा दी है। मंगलवार को कठुआ स्थित विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय में हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते प्रदर्शन किया।
कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के जिला प्रधान प्रवीण कुमार ने कहा कि मोदी सरकार लगातार अस्थायी कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। इससे मजबूर होकर उन्हें संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि दो बार हड़ताल को 72 घंटे के लिए बढ़ाया जा चुका है। लेकिन अब तक न तो सरकार का कोई नुमाइंदा उनके पास आया और न ही इस बारे में कोई घोषणा की जा रही है। सरकार के इसी रवैए के चलते जम्मू-कश्मीर के विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे 60 हजार अस्थायी कर्मचारी नियमित किए जाने के साथ-साथ बकाया वेतन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो उनका संघर्ष शांतिपूर्ण है लेकिन अगर इन 60 हजार कर्मचारियों के सब्र का बांध टूटा तो इससे बनने वाली स्थिति की जिम्मेदार भी सरकार ही होगी। क्योंकि अभी तक कर्मचारियों के किसी भी संगठन ने सरकार के साथ असहयोग का रवैया नहीं अपनाया है। लिहाजा सरकार इन कर्मचारियों की समस्या का समाधान जल्द करें। ताकि यह अपने काम पर वापस लौट सकें। उधर, बसोहली में भी लोनिवि कार्यालय के समक्ष कर्मचारियों ने रोष जताया। अस्थायी कर्मी कुलभूषण दत्त, रामदास, आरके रैना, हेमराज, विकास शर्मा, पूर्ण लाल आदि ने बताया कि बीते 25 वर्षों से वे विभाग में काम कर रहें है, लेकिन उन्हें पक्का नहीं किया गया।