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चकड़ा में बनाया जाए पावर रिसीविंग स्टेशन
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चकड़ा में पावर रिसीविंग स्टेशन बनाने की मांग करते लोग। अमर उजाला
- फोटो : KATHUA
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हीरानगर। सीमावर्ती गांव चकड़ा में पावर रिसीविंग स्टेशन बनाने की मांग के लिए लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें कई पंचायतों के पंच, सरपंच और स्थानीय लोग काफी संख्या में मौजूद रहे। लोगों ने कहा कि कई साल पहले यहां पावर रिसीविंग स्टेशन बनाने की योजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन उस पर कोई काम नहीं हुआ। इस कारण सीमावर्ती इलाकों में बिजली संकट बना हुआ है। उन्होंने राज्यपाल से प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरू करने की मांग की है।
पूर्व सरपंच राकेश शर्मा व सरपंच भारत भूषण ने बताया कि बिजली कटौती के कारण शाम ढलते ही गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। इसके अलावा भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हमारी रक्षा कर रहे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों को बिजली न दिन में मिल रही है और न रात को। अगर मिलती भी है तो लो वोल्टेज होती है। इस इलाके से बिजली संकट दूर करने के लिए कई वर्ष पहले पावर रिसीविंग स्टेशन बनाने की योजना को मंजूरी मिली थी। बाकायदा जमीन भी चयनित हुई थी, लेकिन उससे आगे प्रोजेक्ट पर कोई काम नहीं हुआ। अगर यहां पावर रिसीविंग स्टेशन बनता तो तमाम सीमावर्ती गांवों में बिजली की समस्या खत्म हो जाती। लोगों को पर्याप्त बिजली मिलती, किसान भी मोटरों से खेतों की सिंचाई कर पाते और सीमा पर तैनात सुरक्षा बल भी इस समस्या से ना जूझते।
उन्होंने राज्यपाल से प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाने की मांग की है। इस मौके पर सरपंच तिलकराज, रतन चंद, अजीत कुमार, राकेश कुमार व महेश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
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पूर्व सरपंच राकेश शर्मा व सरपंच भारत भूषण ने बताया कि बिजली कटौती के कारण शाम ढलते ही गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। इसके अलावा भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हमारी रक्षा कर रहे सीमा सुरक्षा बल के जवानों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। लोगों को बिजली न दिन में मिल रही है और न रात को। अगर मिलती भी है तो लो वोल्टेज होती है। इस इलाके से बिजली संकट दूर करने के लिए कई वर्ष पहले पावर रिसीविंग स्टेशन बनाने की योजना को मंजूरी मिली थी। बाकायदा जमीन भी चयनित हुई थी, लेकिन उससे आगे प्रोजेक्ट पर कोई काम नहीं हुआ। अगर यहां पावर रिसीविंग स्टेशन बनता तो तमाम सीमावर्ती गांवों में बिजली की समस्या खत्म हो जाती। लोगों को पर्याप्त बिजली मिलती, किसान भी मोटरों से खेतों की सिंचाई कर पाते और सीमा पर तैनात सुरक्षा बल भी इस समस्या से ना जूझते।
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उन्होंने राज्यपाल से प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाने की मांग की है। इस मौके पर सरपंच तिलकराज, रतन चंद, अजीत कुमार, राकेश कुमार व महेश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।
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