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अनियमित बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा
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हीरानगर। विभाग की लापरवाही से सबडिवीजन के कई इलाकों में लगातार जारी अनियमित बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। रविवार को सीमावर्ती गांव चकड़ा में स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से जानबूझकर अनियमित बिजली कटौती की जा रही है। मुख्य चौक में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व सरपंच एडवोकेट राकेश शर्मा ने कहा सीमावर्ती गांव में अकसर बिजली बंद रहती है। लोगों को दिल में भी चंद घंटे बिजली मिलती है और रात को कई सीमांत गांव अंधेरे में डूबे रहते हैं, जिससे यह आशंका भी बनी रहती है कि सीमा पार से आने वाले घुसपैठिए अंधेरे का फायदा ना उठा लें। कई बार हमने और आसपास के गांवों के लोगों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर अनियमित बिजली कटौती रोकने की मांग की, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं। बिजली कटौती चंद गांवों में नहीं बल्कि पूरे बॉर्डर इलाके में की जा रही है। रात के समय लगभग सभी गांवों में अंधेरा छाया रहता है। दिन में भी 3 से 4 घंटे बिजली ही लोगों को मिलती है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा बिजली कटौती के कारण क्षेत्र के किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। एक तरफ बारिश नहीं हो रही तो दूसरी तरफ बिजली कटौती के कारण किसान पंपसेट के जरिए भी खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे। उन्होने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने सीमांत गांवों में बिजली कटौती बंद नहीं की तो विभाग के अधिकारियों का घेराव करेंगे। प्रदर्शन में सरपंच तिलक राज शर्मा, गोविंद राम कांडले, केवल कृष्ण, सरदारी लाल आदि शामिल रहे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग की ओर से जानबूझकर अनियमित बिजली कटौती की जा रही है। मुख्य चौक में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों में शामिल पूर्व सरपंच एडवोकेट राकेश शर्मा ने कहा सीमावर्ती गांव में अकसर बिजली बंद रहती है। लोगों को दिल में भी चंद घंटे बिजली मिलती है और रात को कई सीमांत गांव अंधेरे में डूबे रहते हैं, जिससे यह आशंका भी बनी रहती है कि सीमा पार से आने वाले घुसपैठिए अंधेरे का फायदा ना उठा लें। कई बार हमने और आसपास के गांवों के लोगों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर अनियमित बिजली कटौती रोकने की मांग की, लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं। बिजली कटौती चंद गांवों में नहीं बल्कि पूरे बॉर्डर इलाके में की जा रही है। रात के समय लगभग सभी गांवों में अंधेरा छाया रहता है। दिन में भी 3 से 4 घंटे बिजली ही लोगों को मिलती है।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा बिजली कटौती के कारण क्षेत्र के किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। एक तरफ बारिश नहीं हो रही तो दूसरी तरफ बिजली कटौती के कारण किसान पंपसेट के जरिए भी खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे। उन्होने चेतावनी दी कि अगर विभाग ने सीमांत गांवों में बिजली कटौती बंद नहीं की तो विभाग के अधिकारियों का घेराव करेंगे। प्रदर्शन में सरपंच तिलक राज शर्मा, गोविंद राम कांडले, केवल कृष्ण, सरदारी लाल आदि शामिल रहे।
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