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बसोहली में बंदरों का उत्पात, हाथ से छीन लेते हैं सामान, उजाड़ रहे फसलें
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बसोहली। कस्बे में बंदरों की बढ़ती संख्या और उत्पात से लोग परेशान हैं। बाजार से सामान लेकर लौटते बच्चों और महिलाओं के हाथ से सामान छीन ले भागते हैं। कई बार इनके हमले से बच्चे, महिलाएं व बुजुर्ग चोटिल हो चुके हैं। बंदर घरों में घुसकर फ्रिज से भी खाने-पीने की का सामान निकाल कर ले जाते हैं, छतों पर सुखाने रखे कपड़े फाड़ देते हैं, फसलों को भी उजाड़ रहे हैं।
स्थानीय निवासी विशाल कनोत्रा, अनिल पाधा, रिशि कपूर, राम प्रसाद, रविंद्र चांग, राजन मेहरा, अनिल शर्मा आदि ने बताया कि कसबे में बंदरों की भरमार है। बताया कि प्रशासन से बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की कई बार गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदरों की समस्या बढ़ती जा रही है। किसान ओम प्रकाश, पृथ्वी नाथ, अजय सिंह, गोबिंद सिह, शंकर सिंह, देविंदर सिंह आदि ने बताया कि उन लोगों ने तो फसलें लगाना बंद कर दी हैं, क्योंकि बंदरों की आबादी इतनी बढ़ गई है कि ये खेतों में घुसकर फसलें तबाह कर देते हैं, जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जो किसान खेतीबाड़ी पर ही निर्भर करते हैं, उन्होंने भी फसलें लगाना छोड़ दिया है। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
बैक-टू विलेज, ब्लॉक दिवस कार्यक्रम में
कई बार उठाई समस्या, नहीं हो रहा समाधान
लोगों का आरोप है कि कई बार प्रशासन व संबंधित विभाग को इस गंभीर समस्या के बारे में बैक-टू विलेज, ब्लॉक दिवस और अन्य कार्यक्रमों में भी अवगत करवाया जा चुका है। बावजूद इसके इस मसले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लोगों ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग की है कि क्षेत्र में मंकी ट्रैपिंग कैंपेन चलाकर बंदरों से निजात दिलाई जाए।
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इस मसले को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के समक्ष भी उठाया गया है, उनसे बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग गई है, क्योंकि यह समस्या जम्मू-कश्मीर के अधिकतर इलाकों में है। इसके लिए स्पेशल टीमों का गठन कर प्रोजेक्ट बनाकर समस्या को दूर किया जाना चाहिए।
- सुमेश सपोलिया, अध्यक्ष, नगर कमेटी, बसोहली
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स्थानीय निवासी विशाल कनोत्रा, अनिल पाधा, रिशि कपूर, राम प्रसाद, रविंद्र चांग, राजन मेहरा, अनिल शर्मा आदि ने बताया कि कसबे में बंदरों की भरमार है। बताया कि प्रशासन से बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की कई बार गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बंदरों की समस्या बढ़ती जा रही है। किसान ओम प्रकाश, पृथ्वी नाथ, अजय सिंह, गोबिंद सिह, शंकर सिंह, देविंदर सिंह आदि ने बताया कि उन लोगों ने तो फसलें लगाना बंद कर दी हैं, क्योंकि बंदरों की आबादी इतनी बढ़ गई है कि ये खेतों में घुसकर फसलें तबाह कर देते हैं, जिससे काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जो किसान खेतीबाड़ी पर ही निर्भर करते हैं, उन्होंने भी फसलें लगाना छोड़ दिया है। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें शहरों का रुख करना पड़ रहा है।
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बैक-टू विलेज, ब्लॉक दिवस कार्यक्रम में
कई बार उठाई समस्या, नहीं हो रहा समाधान
लोगों का आरोप है कि कई बार प्रशासन व संबंधित विभाग को इस गंभीर समस्या के बारे में बैक-टू विलेज, ब्लॉक दिवस और अन्य कार्यक्रमों में भी अवगत करवाया जा चुका है। बावजूद इसके इस मसले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लोगों ने उप राज्यपाल मनोज सिन्हा से मांग की है कि क्षेत्र में मंकी ट्रैपिंग कैंपेन चलाकर बंदरों से निजात दिलाई जाए।
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इस मसले को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के समक्ष भी उठाया गया है, उनसे बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग गई है, क्योंकि यह समस्या जम्मू-कश्मीर के अधिकतर इलाकों में है। इसके लिए स्पेशल टीमों का गठन कर प्रोजेक्ट बनाकर समस्या को दूर किया जाना चाहिए।
- सुमेश सपोलिया, अध्यक्ष, नगर कमेटी, बसोहली