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और चली गई भाजपा के हाथ से नगरी नगर कमेटी
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नगरी नगर कमेटी में भाजपा के हाथ से अध्यक्ष पद की कुर्सी चली गई है। नगरी परोल नगर कमेटी में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का फ्लोर टेस्ट शुक्रवार को भाजपा की शशिकांता पास नहीं कर पाईं। उन्हें केवल चार वोट मिले। विरोध में नौ पार्षदों ने वोट डाले हैं। खास बात यह भी है कि इस निकाय में सात पार्षद भाजपा के या फिर भाजपा समर्थित थे। ऐसे में भाजपा के पार्षदों ने भी अपने अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास दिखाते हुए फ्लोर टेस्ट में वोटिंग कर दी है। नगरी नगर कमेटी में जनवरी 2020 से ही उपाध्यक्ष का पद भी खाली है, जिसमें तत्कालीन उपाध्यक्ष तरसेम सैनी भी समर्थन जुटाने में विफल रहे थे।
15 फरवरी को नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के आठ सदस्यों द्वारा कमेटी के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। कमेटी के आठ सदस्यों ने कमेटी के ईओ अमित शर्मा को अपना अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कमेटी भंग करने की मांग की थी। 13 सदस्यों वाली इस कमेटी के अध्यक्ष के खिलाफ वार्ड 8 के सदस्य अनिल सिंह अंडोत्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इसमें कमेटी के वार्ड एक सदस्य विमला देवी, वार्ड 5 के नरेश कुमार, वार्ड 6 के सुरेंद्र सिंह, वार्ड 9 की बीता रानी, वार्ड 12 के बबलू कुमार, वार्ड 4 के कुलभूषण कुमार और वार्ड 11 के तरसेम सैनी ने अपनी सहमति जाहिर करते हुए इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। वहीं शुक्रवार को ईओ अमित शर्मा की देखरेख में फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा किया गया। इसमें नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के कुल 13 पार्षदों में से चार ने अध्यक्ष के पक्ष में वोट डाला, जबकि 9 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव जताया।
ले लिए गए हैं चेयरमैन के सारे अधिकार
नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के ईओ का कार्यभार संभाल रहे अमित कुमार ने बताया कि फ्लोर टेस्ट में शशिकांता के पक्ष में 4 वोट और विपक्ष में 9 वोट पड़ने के बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। कमेटी अध्यक्ष के सारे अधिकार उनसे ले लिए गए हैं। अब इस बारे में सारी स्थिति से डीसी को अवगत कराया जाएगा। ताकि कमेटी के नए प्रधान व उपप्रधान के चुनाव की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके।
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अपनी मर्जी से ले रही थीं फैसले
वार्ड 8 के पार्षद अनिल सिंह अंदोत्रा ने कहा कि कमेटी की अध्यक्ष शशिकांता वर्मा कमेटी में होने वाले किसी भी विकास कार्य के लिए सदस्यों की सहमति लेने के बजाय अपनी मर्जी से ही फैसले ले रहीं थी। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से पार्षद असंतुष्ट थे। वहीं अब नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के पार्षदों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाए और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाएं जाएं।
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15 फरवरी को नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के आठ सदस्यों द्वारा कमेटी के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। कमेटी के आठ सदस्यों ने कमेटी के ईओ अमित शर्मा को अपना अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कमेटी भंग करने की मांग की थी। 13 सदस्यों वाली इस कमेटी के अध्यक्ष के खिलाफ वार्ड 8 के सदस्य अनिल सिंह अंडोत्रा की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इसमें कमेटी के वार्ड एक सदस्य विमला देवी, वार्ड 5 के नरेश कुमार, वार्ड 6 के सुरेंद्र सिंह, वार्ड 9 की बीता रानी, वार्ड 12 के बबलू कुमार, वार्ड 4 के कुलभूषण कुमार और वार्ड 11 के तरसेम सैनी ने अपनी सहमति जाहिर करते हुए इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। वहीं शुक्रवार को ईओ अमित शर्मा की देखरेख में फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया को पूरा किया गया। इसमें नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के कुल 13 पार्षदों में से चार ने अध्यक्ष के पक्ष में वोट डाला, जबकि 9 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव जताया।
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ले लिए गए हैं चेयरमैन के सारे अधिकार
नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के ईओ का कार्यभार संभाल रहे अमित कुमार ने बताया कि फ्लोर टेस्ट में शशिकांता के पक्ष में 4 वोट और विपक्ष में 9 वोट पड़ने के बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। कमेटी अध्यक्ष के सारे अधिकार उनसे ले लिए गए हैं। अब इस बारे में सारी स्थिति से डीसी को अवगत कराया जाएगा। ताकि कमेटी के नए प्रधान व उपप्रधान के चुनाव की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके।
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अपनी मर्जी से ले रही थीं फैसले
वार्ड 8 के पार्षद अनिल सिंह अंदोत्रा ने कहा कि कमेटी की अध्यक्ष शशिकांता वर्मा कमेटी में होने वाले किसी भी विकास कार्य के लिए सदस्यों की सहमति लेने के बजाय अपनी मर्जी से ही फैसले ले रहीं थी। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की कार्यप्रणाली से पार्षद असंतुष्ट थे। वहीं अब नगरी म्यूनिसिपल कमेटी के पार्षदों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाए और अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव करवाएं जाएं।