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उज्ज दरिया पर बांध का विरोध
ब्यूरो/बिलावर
Updated Mon, 15 Jun 2015 01:35 AM IST
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उज्ज दरिया के पंजतीर्थी संगम पर प्रस्तावित बांध का विरोध दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में 14 पंचायतों के प्रतिनिधियों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए उज्ज डैम महापंचायत को-आर्डिनेशन कमेटी का गठन किया है। कमेटी ने प्रस्ताव पास कर सरकार से डैम बनाने से पहले प्रभावित होने वाले लोगों के सम्मान जनक पुनर्वास की मांग की है।
कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने डैम का निर्माण शुरू होने से पहले उनकी बात नहीं सुनी तो वे इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। बांध से प्रभावित होने वाली चौदह पंचायतों के प्रतिनिधियों की एक बैठक रविवार को किशनपुर डुंगारा में विलेज सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट कमेटी के प्रधान एसपी शर्मा की अध्यक्षता में हुई।
इसमें तमाम पंचायतों के सरपंच, पंच व अन्य गणमान्य नागरिक और बुद्धिजीवी लोग शामिल हुए। अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए उज्ज डैम महा पंचायत को-आर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया।
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कमेटी का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए सरपंच रमेश सपोलिया, हंसराज, मोहिंद्र सपोलिया, मुल्खराज और प्रेम सिंह को उप प्रधान, सरपंच मदनलाल को महासचिव, केके खजूरिया को मुख्य संयोजक, जितेंद्र सिंह भडवाल को कानूनी सलाहकार, शौरी लाल को सचिव और अख्तर अली को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया।
बैठक में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार डैम से प्रभावित होने वाले लोगों की राय जाने बिना उन्हें उजाड़ने का प्लान बना रही है। उन्होंने कहा कि डैम के निर्माण से चौदह पंचायतों का 41 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित होगा, जबकि 20 हजार के करीब लोगों को अपने घर छोड़ने होंगे।
उन्होंने हैरानी जताई कि पिछले कई वर्षों से डैमनिर्माण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन आज तक प्रभावित होने वाले लोगों की कोई भी बात नहीं सुनी गई है। बैठक में प्रस्ताव पास कर सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि प्रभावित लोगों के सम्मानजनक पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गई और उनकी कोई बात नहीं सुनी गई तो वह आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने डैम का निर्माण शुरू होने से पहले उनकी बात नहीं सुनी तो वे इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। बांध से प्रभावित होने वाली चौदह पंचायतों के प्रतिनिधियों की एक बैठक रविवार को किशनपुर डुंगारा में विलेज सोशल वेलफेयर एंड डेवलपमेंट कमेटी के प्रधान एसपी शर्मा की अध्यक्षता में हुई।
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इसमें तमाम पंचायतों के सरपंच, पंच व अन्य गणमान्य नागरिक और बुद्धिजीवी लोग शामिल हुए। अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए उज्ज डैम महा पंचायत को-आर्डिनेशन कमेटी का गठन किया गया।
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कमेटी का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए सरपंच रमेश सपोलिया, हंसराज, मोहिंद्र सपोलिया, मुल्खराज और प्रेम सिंह को उप प्रधान, सरपंच मदनलाल को महासचिव, केके खजूरिया को मुख्य संयोजक, जितेंद्र सिंह भडवाल को कानूनी सलाहकार, शौरी लाल को सचिव और अख्तर अली को मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया।
बैठक में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार डैम से प्रभावित होने वाले लोगों की राय जाने बिना उन्हें उजाड़ने का प्लान बना रही है। उन्होंने कहा कि डैम के निर्माण से चौदह पंचायतों का 41 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित होगा, जबकि 20 हजार के करीब लोगों को अपने घर छोड़ने होंगे।
उन्होंने हैरानी जताई कि पिछले कई वर्षों से डैमनिर्माण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन आज तक प्रभावित होने वाले लोगों की कोई भी बात नहीं सुनी गई है। बैठक में प्रस्ताव पास कर सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि प्रभावित लोगों के सम्मानजनक पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गई और उनकी कोई बात नहीं सुनी गई तो वह आंदोलन करने को मजबूर हो जाएंगे।