फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   More then nine thousand villagers staying in 35 camps

35 शिविरों में ठहरे साढ़े नौ हजार ग्रामीण

Sat, 11 Oct 2014 01:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, कठुआ Updated Sat, 11 Oct 2014 01:59 AM IST
विज्ञापन
More then nine thousand villagers staying in 35 camps

भारत और पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनाव से पलायन करने वाले ग्रामीणों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को सरकारी शिविरों में विस्थापितों का आंकड़ा साढ़े नौ हजार पार कर गया।

विज्ञापन


जीरो लाइन से तीन किलोमीटर के दायरे के तकरीबन गांव खाली हो चुके हैं। प्रशासन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक 1998 कुनबों का पलायन हो चुका है। इनके कुल 9597 सदस्यों को अलग अलग स्थानों पर बनाए गए 35 शिविरों में ठहराया गया है।
विज्ञापन


विस्थापित शिविरों के लिए 61 सरकारी इमारतों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार विस्थापितों की संख्या और बढ़ सकती है। सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी फायरिंग के प्रभाव क्षेत्र में कुल 57 गांव हैं जिनमें से 41 गांवों पर फायरिंग का सीधा असर पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं शुक्रवार को जिला प्रशासन ने विस्थापित शिविरों में दी जा रही सुविधाओं और पूरी स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक का आयोजन किया।

जिला उपायुक्त डा. शाहिद इकबाल चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अब तक विस्थापित शिविरों में पहुंचाई गई राहत सामग्री और दी जा रही सुविधाओं का ब्योरा पेश कर विस्तार से चर्चा की।


जिला उपायुक्त ने विस्थापित शिविरों की देखरेख के लिए नियुक्त नोडल अफसरों सहित अन्य प्रशासनिक अमले को हिदायतें जारी करते हुए कहा कि विस्थापितों को किसी तरह की परेशान न होने दी जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed