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वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों की समस्याओं का जल्द संज्ञान ले सरकार
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केंद्र शासित प्रदेश बनने के बावजूद यहां के अधिकारियों के रवैए में अंतर नहीं आया है। नई व्यवस्था का आम लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे लोगों में रोष बढ़ रहा है। यह बातें वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी एक्शन कमेटी के प्रधान लब्बा राम गांधी ने कठुआ में आयोजित बैठक में कहीं। शुक्रवार को ड्रीमलैंड पार्क में उन्होंने कहा कि इन दिनों जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ-साथ बॉर्डर बटालियन की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन यहां भर्ती की प्रक्रिया के दौरान आवेदकों से स्टेट सब्जेक्ट मांगा जा रहा है। इससे वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी परिवारों के बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य राज्यों की तरह समान अधिकार दिए हैं, तो यहां के आवेदकों को स्टेट सब्जेक्ट न होने के कारण अयोग्य करार दिया जाना सरकार के आदेश का ही मजाक है। इसके अलावा पिछले ढाई साल से केंद्र सरकार द्वारा वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को दिया जाने वाला मुआवजा अभी तक जारी नहीं हुआ है। इससे रिफ्यूजी परिवारों में रोष है। गत दिनों रिफ्यूजियों की इन्हीं समस्या को लेकर उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की थी। तब उन्होंने आयुक्त सचिव से फोन पर बात कर रिफ्यूजियों की समस्याओं को संज्ञान लेने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा कि जल्द ही वह इस संबंध में प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों से मिलकर रिफ्यूजियों की समस्या का समाधान करने की मांग करेंगे, ताकि वर्षों से अपने अधिकारों के लिए जद्दोजहद करने वाले वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करने वाले वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों ने कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए अपनी बैठकों को स्थगित किया था। लेकिन अब अगर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पहल नहीं हुई तो वह कड़ा रुख अपनाएंगे।
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उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को देश के अन्य राज्यों की तरह समान अधिकार दिए हैं, तो यहां के आवेदकों को स्टेट सब्जेक्ट न होने के कारण अयोग्य करार दिया जाना सरकार के आदेश का ही मजाक है। इसके अलावा पिछले ढाई साल से केंद्र सरकार द्वारा वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को दिया जाने वाला मुआवजा अभी तक जारी नहीं हुआ है। इससे रिफ्यूजी परिवारों में रोष है। गत दिनों रिफ्यूजियों की इन्हीं समस्या को लेकर उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की थी। तब उन्होंने आयुक्त सचिव से फोन पर बात कर रिफ्यूजियों की समस्याओं को संज्ञान लेने के लिए कहा था।
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उन्होंने कहा कि जल्द ही वह इस संबंध में प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों से मिलकर रिफ्यूजियों की समस्या का समाधान करने की मांग करेंगे, ताकि वर्षों से अपने अधिकारों के लिए जद्दोजहद करने वाले वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष करने वाले वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों ने कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए अपनी बैठकों को स्थगित किया था। लेकिन अब अगर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पहल नहीं हुई तो वह कड़ा रुख अपनाएंगे।
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