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बाजार में पटरी पर नहीं लौट रहा कारोबार
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आनलॉक की प्रक्रिया के तहत खुले शहर के बाजार में कारोबार पटरी पर नहीं लौट पा रहा है। हालांकि सुबह से खुलने वाले बाजार में अब शाम पांच बजे तक कारोबार की अनुमति है। लेकिन ग्राहकों की कमी दुकानदारों को निराश कर रही है। गत दिवस जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन द्वारा बुधवार से बसों और मेटाडोरों के परिचालन की घोषणा की थी, जिसके बाद दुकानदारों को बाजार में रौनक बढ़ने की उम्मीद बंधी थी। लेकिन यात्री वाहनों के सड़क पर न उतरने के कारण बाजार की स्थिति पहले की तरह ही बनी रही।
दुकानदार गौरव गुप्ता के अनुसार शहर के बाजार का कारोबार आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों पर ज्यादा आश्रित है। लेकिन यात्री वाहनों के न चलने के कारण बाजार की हालत पहले जैसी ही बनी हुई है। उन्होंने कहा कि एक तो पहले ही सभी दुकानों को एक साथ कारोबार करने की अनुमति न होने से बाजार में ग्राहकों की मौजूदगी कम होती है। वहीं वाहनों के न चलने से यह और ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
वही इस बारे में कठुआ मिनी बस आपरेटर यूनियन के प्रधान हरमोहिंदर सिंह का कहना है किलगभग पचास दिनों से बंद रही गाड़ियों के संचालन की जानकारी काफी देर से मिली। कुछ के चालक उपलब्ध नहीं थे। वहीं इतने लंबे समय से खड़ी मिनी बसों में भी कुछ कमियां हो गई थीं। इसके कारण सभी सड़कों पर नहीं उतर सकी हैं। कुछ ऐसा ही हाल बसों के बारे में जानने को मिला है। एक दो दिनों में सभी वाहन सड़कों पर उतर जाएंगे।
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दुकानदार गौरव गुप्ता के अनुसार शहर के बाजार का कारोबार आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों पर ज्यादा आश्रित है। लेकिन यात्री वाहनों के न चलने के कारण बाजार की हालत पहले जैसी ही बनी हुई है। उन्होंने कहा कि एक तो पहले ही सभी दुकानों को एक साथ कारोबार करने की अनुमति न होने से बाजार में ग्राहकों की मौजूदगी कम होती है। वहीं वाहनों के न चलने से यह और ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
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वही इस बारे में कठुआ मिनी बस आपरेटर यूनियन के प्रधान हरमोहिंदर सिंह का कहना है किलगभग पचास दिनों से बंद रही गाड़ियों के संचालन की जानकारी काफी देर से मिली। कुछ के चालक उपलब्ध नहीं थे। वहीं इतने लंबे समय से खड़ी मिनी बसों में भी कुछ कमियां हो गई थीं। इसके कारण सभी सड़कों पर नहीं उतर सकी हैं। कुछ ऐसा ही हाल बसों के बारे में जानने को मिला है। एक दो दिनों में सभी वाहन सड़कों पर उतर जाएंगे।
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