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ट्रांसफार्मर खराब होने से ग्रामीण परेशान
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भीकड के रेहडी गांव मे बिजली की लटकती तार दिखाते स्थानीय, संवाद।
- फोटो : KATHUA
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बसोहली। भीकड पंचायत के रेडी गांव में बीते 15 दिनों से बिजली का ट्रांसफार्मर खराब होने से लोग बहुत परेशान हैं। आलम यह है कि बीते 15 दिनों से इस गांव में अंधेरा पसरा हुआ है। बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे। घरों में बिजली के उपकरण बंद हो चुके हैं।
इस विषय में बिजली विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, फिर भी अब तक ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए कार्रवाई नहीं की गई है।
इस पंचायत के लोगों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों के दूरदराज गांव के साथ हमेशा अनदेखी होती है। चाहे बिजली, पानी, सड़क समस्या हो या अन्य। अगर शहरों में कभी कहीं बिजली का ट्रांसफार्मर खराब होता है तो उसे एक दिन के भीतर ही लगा दिया जाता है। तो, गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने की सूरत में इतने दिनों का समय क्यों लगाया जाता है? बिजली विभाग इसका जवाब दें।
उन्होंने आगे कहा कि इस गांव में बिजली को तारों की इतनी बुरी हालत है, कि तारें लगभग जमीन को छू रही हैं। यह हादसों को एक प्रकार का न्योता है। गांव में बिजली ढांचे को दुरुस्त करने की जरूरत है, क्योंकि किसी भी तरह की बिजली विभाग की लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग व जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके गांव में ट्रांसफार्मर को या तो अपग्रेड किया जाए, या अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली समस्या का समाधान किया जाए।
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बरसात के मौसम में ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। इन्हें जल्द लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जैसे ही ट्रांसफार्मर आता है, उसे लगवा दिया जाएगा।
- सुरजीत चौहान, फीडर मैनेजर, शीतलनगर ब्लॉक
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इस विषय में बिजली विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया गया है, फिर भी अब तक ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए कार्रवाई नहीं की गई है।
इस पंचायत के लोगों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों के दूरदराज गांव के साथ हमेशा अनदेखी होती है। चाहे बिजली, पानी, सड़क समस्या हो या अन्य। अगर शहरों में कभी कहीं बिजली का ट्रांसफार्मर खराब होता है तो उसे एक दिन के भीतर ही लगा दिया जाता है। तो, गांव में ट्रांसफार्मर खराब होने की सूरत में इतने दिनों का समय क्यों लगाया जाता है? बिजली विभाग इसका जवाब दें।
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उन्होंने आगे कहा कि इस गांव में बिजली को तारों की इतनी बुरी हालत है, कि तारें लगभग जमीन को छू रही हैं। यह हादसों को एक प्रकार का न्योता है। गांव में बिजली ढांचे को दुरुस्त करने की जरूरत है, क्योंकि किसी भी तरह की बिजली विभाग की लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग व जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके गांव में ट्रांसफार्मर को या तो अपग्रेड किया जाए, या अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली समस्या का समाधान किया जाए।
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बरसात के मौसम में ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। इन्हें जल्द लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। जैसे ही ट्रांसफार्मर आता है, उसे लगवा दिया जाएगा।
- सुरजीत चौहान, फीडर मैनेजर, शीतलनगर ब्लॉक

भीकड के रेहडी गांव मे जमीन के पास से गुजरने वाली लाइन दिखाता स्थानीय, संवाद।- फोटो : KATHUA

भीकड के रेहडी गांव मे खराब पड़ा बिजली का ट्रांसफार्मर, संवाद।- फोटो : KATHUA