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जम्मू के किराये पर माधोपुर उतार रहीं बसें, प्रदेश में मुफ्त सेवा बनी सहारा
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कठुआ। कोरोना महामारी की पाबंदियों के बीच अंतरराज्यीय सीमा पर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं। जम्मू तक का किराया वसूल कर दूसरे राज्यों से आ रहीं कई बसें सौ किलोमीटर पहले ही पंजाब के माधोपुर में सवारियां उतारकर लौट रही हैं। वहीं, लखनपुर में दाखिल होने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन सरकारी खर्च पर रोजाना हजाराें यात्रियों को मुफ्त में घरों तक पहुंचा रहा है। एक तरफ लूट और दूसरी तरफ राहत से यात्री भी हैरत में हैं।
दरअसल, अंतरराज्यीय रूट की रुटीन बस सेवा को जम्मू-कश्मीर में बहाल नहीं किया गया है। ऐसे में दिल्ली-चंडीगढ़ समेत अन्य इलाकों से यात्रियों को लेकर आ रहीं बसें माधोपुर से लौट जाती हैं। हैरत की बात है कि इनमें से कई बसों में यात्रियों से जम्मू तक का किराया वसूला जा रहा है। श्रमिकों से लेकर आम यात्रियों को कई बार टैक्सी करनी पड़ रही थी। इसमें दो से तीन हजार रुपये का खर्च आ रहा था। ऐसे हालात में जम्मू-कश्मीर सरकार ने निशुल्क बस सेवा शुरू की है। लखनपुर कॉरिडोर के नोडल अधिकारी अश्विनी खजूरिया ने बताया कि लखनपुर पहुंचने वाले श्रमिकों व अन्य यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष बस सेवा शुरू की गई है। सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की बसें रोजाना तीस से बत्तीस फेरे लगा रही हैं। लखनपुर से जम्मू तक कोई किराया नहीं वसूला जा रहा है।
रोजाना दस हजार लोगों का प्रवेश
प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगाें की संख्या औसतन दस हजार तक पहुंच गई है। पहले रोजाना चार से पांच हजार लोग ही आ पा रहे थे। लखनपुर कॉरिडोर में पंजीकरण काउंटर, टेस्टिंग की सुविधाएं बढ़ाने के बाद यह आंकड़ा दोगुना हो गया है। दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के पास प्रीपेड मोबाइल होते हैं, जो यहां नहीं चल पाते। ऐसे में ओटीपी में परेशानी आ रही थी। नोडल अधिकारी के अनुसार सेल्फ डेकलरेशन फॉर्म भरने के बाद ज्यादातर लोगों की टेस्टिंग संबंधित जिलों में हो रही है, जिससे लखनपुर में लोड कम हो गया है।
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दरअसल, अंतरराज्यीय रूट की रुटीन बस सेवा को जम्मू-कश्मीर में बहाल नहीं किया गया है। ऐसे में दिल्ली-चंडीगढ़ समेत अन्य इलाकों से यात्रियों को लेकर आ रहीं बसें माधोपुर से लौट जाती हैं। हैरत की बात है कि इनमें से कई बसों में यात्रियों से जम्मू तक का किराया वसूला जा रहा है। श्रमिकों से लेकर आम यात्रियों को कई बार टैक्सी करनी पड़ रही थी। इसमें दो से तीन हजार रुपये का खर्च आ रहा था। ऐसे हालात में जम्मू-कश्मीर सरकार ने निशुल्क बस सेवा शुरू की है। लखनपुर कॉरिडोर के नोडल अधिकारी अश्विनी खजूरिया ने बताया कि लखनपुर पहुंचने वाले श्रमिकों व अन्य यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष बस सेवा शुरू की गई है। सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की बसें रोजाना तीस से बत्तीस फेरे लगा रही हैं। लखनपुर से जम्मू तक कोई किराया नहीं वसूला जा रहा है।
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रोजाना दस हजार लोगों का प्रवेश
प्रदेश में प्रवेश करने वाले लोगाें की संख्या औसतन दस हजार तक पहुंच गई है। पहले रोजाना चार से पांच हजार लोग ही आ पा रहे थे। लखनपुर कॉरिडोर में पंजीकरण काउंटर, टेस्टिंग की सुविधाएं बढ़ाने के बाद यह आंकड़ा दोगुना हो गया है। दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के पास प्रीपेड मोबाइल होते हैं, जो यहां नहीं चल पाते। ऐसे में ओटीपी में परेशानी आ रही थी। नोडल अधिकारी के अनुसार सेल्फ डेकलरेशन फॉर्म भरने के बाद ज्यादातर लोगों की टेस्टिंग संबंधित जिलों में हो रही है, जिससे लखनपुर में लोड कम हो गया है।
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